जीएसटी में प्रस्तावित सुधारों पर व्यापारी नेता ने वित्त मंत्री को भेजे सुझाव

नोएडा: 15 अगस्त 2025 को लालक़िले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा आगामी दीपावली पर जीएसटी में सुधार करते हुये जनमानस को कम दामों पर वस्तु एवं सेवाओं को उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता पर व्यापारी नेता ने हर्ष व्यक्त किया है…
व्यापारी नेता सुशील कुमार जैन ने वित्त मंत्री एवं भारत सरकार को सुझाव देते हुए पत्र लिखा है कि वार्षिक व्यापार एवं सेवाओं की विक्रय सीमा को अभी की अनिवार्य सीमा व्यापार पर 40 लाख से
जीएसटी सुधारों पर छोटे व्यापारियों को राहत देने हेतु जीएसटी पंजीकरण की अनिवार्य सीमा व्यापार पर वर्तमान 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये (पूर्वोत्तर राज्यों में 20 लाख से 75 लाख रुपये) तथा सेवाओं पर 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये (पूर्वोत्तर राज्यों में 10 लाख से 25 लाख रुपये) की जानी चाहिए, ताकि छोटे व्यापारियों को भारी-भरकम लेखा-जोखा खर्च, छोटी गलतियों पर भारी जुर्माना और इंस्पेक्टर राज से मुक्ति मिल सके।
इसके साथ ही जीवन, स्वास्थ्य, मोटर, भवन आदि सभी प्रकार के बीमा, लंबी व लाइलाज बीमारियों की दवाइयां, शिक्षा से संबंधित व्यय, 50,000 रुपये से कम मूल्य की वस्तुएं और सभी खाद्य पदार्थों को जीएसटी से मुक्त किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त गाड़ियों एवं उनके कलपुर्जों पर अधिकतम 18% से अधिक जीएसटी न लगे, सभी सेवाओं को 5% की दर में, इलेक्ट्रॉनिक सामानों को 5% की सीमा में रखा जाए तथा स्थानीय व्यापारियों एवं सेवा प्रदाताओं को प्रोत्साहन देते हुए आयातित वस्तुओं पर अधिक जीएसटी लगाया जाए। ई-कॉमर्स कंपनियों पर अतिरिक्त कर लागू करके “वोकल फ़ॉर लोकल” को बढ़ावा दिया जाए, जिससे उपभोक्ता स्थानीय दुकानों से खरीदारी करने को प्रेरित होंगे।
सरल कर प्रणाली निश्चित रूप से जनमानस को राहत प्रदान करेगी। जीएसटी में केवल दो दरें 5% एवं 18% लागू करने से व्यापारियों व सेवा प्रदाताओं को “ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस” का लाभ मिलेगा तथा उपभोक्ताओं को सस्ती वस्तुएं एवं सेवाएं प्राप्त होंगी।




