दिल्ली-एनसीआर में महागुन इंडिया दिवालिया होने पर खरीदारों की उम्मीदें अधर में, बिल्डर की नई परियोजना ACE के नाम से जारी होने पर ये होगा असर

नोएडा: दिल्ली एनसीआर में रियल एस्टेट में घर खरीदारों के लिए चिंता का नया दौर शुरू हो गया है। नामी बिल्डर Mahagun India हाल ही में NCLT में दिवालिया घोषित हुआ है। NCLT ने कंपनी पर इंइशनल रिसीवर/IRP नियुक्त किया है, जो घर खरीदारों के पैसों का प्रबंधन करेगा, लेकिन कई मामलों में खरीदारों को राहत नहीं मिल पाएगी।
Mahagun India की चार बड़ी परियोजनाएँ अभी भी अधूरी और अटकी हुई हैं, जिनमें हजारों घर खरीदारों की मेहनत की कमाई लगी हुई है। सालों से कई घर खरीदार बिल्डर से अपनी योजनाओं को पूरा करने की गुज़ारिश कर रहे थे, लेकिन बिल्डर ने अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए दिवालिया घोषित होने का रास्ता अपनाया।
विशेष रूप से, कंपनी ने दिवालिया घोषित होने से पहले अपने विभिन्न परियोजनाओं के घर खरीदारों के पैसों से नोएडा के सेक्टर-107 में आम्रपाली की जमीन खरीदी और Mahagun Medalleo नामक नई परियोजना के लिए ACE Group के साथ जॉइंट वेंचर किया। अब यह नई परियोजना ACE के नाम से बन रही है और बिक रही है।
इस स्थिति ने पुरानी परियोजनाओं के खरीदारों को बड़ा झटका दिया है। जहां घर खरीदार अपनी जमा पूँजी लगाकर वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं, वहीं बिल्डर नई परियोजनाओं के माध्यम से नए खरीदारों को आकर्षित कर रहा है।
Experts का कहना है कि ऐसी घटनाएँ रियल एस्टेट सेक्टर में खरीदारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। NCLT और IRP को सुनिश्चित करना होगा कि पुराने खरीदारों के हितों की अनदेखी न हो।




