जिम्स में हर साल 30 हजार मरीजों को बड़ा फायदा, खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी की चोटों, मांसपेशियों, जोड़ों आदि समस्याओं का इलाज मिल सकेगा।

ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में ओर भी बेहतर सुविधा विकसित की जा रही है। मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी की चोटों, मांसपेशियों, जोड़ों आदि समस्याओं का इलाज मिल सकेगा। एचसीएल फाउंडेंशन के सहयोग से जिम्स में फिजियोथेरेपी उपकरणों और डेक्सा (डुअल-एनर्जी एक्स-रे एब्ज़ॉर्पियोमेट्री) स्कैन मशीन लगाई गई है, जिनका मंगलवार को उद्घाटन किया गया। डेक्सा स्कैन के मशीन का फायदा खिलाड़ियों को भी होगा। उन्हें चोट लगने या सूजन आदि की समस्या का बेहतर उपचार मिल सकेगा।
जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि इन अत्याधुनिक तकनीक की मशीनों की वजह से दिल्ली-एनसीआर के करीब 30 हजार मरीजों को हर साल फायदा होगा। डेक्सा स्कैन मशीन से शरीर में कमजोर हड्डियों की जांच की जाएगी। साथ ही हड्डियों की स्थित के बारे में जानकारी मिल जाएगी। एक करोड़ 10 लाख की मशीनें अस्पताल को मुहैया कराई है। फिजियोथेरेपी के लिए भी नवीन तकनीकी की मशीनें मंगवाई गई है। जो कि बेहतर उपचार करने में सहायक होंगी। इस मौके पर जिम्स की डीन (अकादमिक) डॉ. रंभा पाठक, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. बृज मोहन, डॉ. अतुल के गुप्ता, डॉ. अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।




