एसआईआर का दवाब नहीं झेल पा रहे टीचर ने दिया इस्तीफा, लिखा—न ही होगा बीएलओ का काम और शिक्षण कार्य
इन्होंने बीएलओ में ड्यूटी न लगाने के लिए अपील की थी। आरोप है कि बीएलओ में डयूटी न लगाने की मांग की थी। उसके बाद भी अनदेखी की गई और अब उन्होंने बीएलओ के ग्रुप पर इस्तीफा पत्र लिखकर अपलोड कर दिया है।

भारतीय निर्वाचन आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद टीचर परेशानी में दिखाई दे रहे है। एसआईआर के कार्य और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहीं गेझा के उच्च प्राथमिक स्कूल की टीचर पिंकी सिंह ने बीएलओ ड्यूटी से परेशान होकर इस्तीफा दे दिया है।
इन्होंने बीएलओ में ड्यूटी न लगाने के लिए अपील की थी। आरोप है कि बीएलओ में डयूटी न लगाने की मांग की थी। उसके बाद भी अनदेखी की गई और अब उन्होंने बीएलओ के ग्रुप पर इस्तीफा पत्र लिखकर अपलोड कर दिया है। गौतमबुद्ध नगर में चार नवम्बर से चार दिसम्बर तक भारतीय निर्वाचन आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम चल रहा है। जिसमें सरकारी स्कूलों के टीचरों की डयूटी लगाई हुई है।
नोएडा के सेक्टर 34 में गेझा के उच्च प्राथमिक स्कूल में कार्यरत महिला शिक्षिका ने काम के अधिक दबाव के चलते बीएलओ व शिक्षण कार्य से इस्तीफा दे दिया है। पिंकी सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्हें बीएलओ का पार्ट 206 आवंटित किया गया है। मतदान स्थल रॉक वुड स्कूल है और उनके भाग में कुल 1179 मतदाता हैं। इनमें से 215 मतदाताओं का डाटा वह ऑनलाइन फीड कर चुकी हैं। पत्र में उन्होंने साफ कहा है अब न तो शिक्षण कार्य हो पाएगा और न ही बीएलओ का कार्य। करीब 56 वर्षीय टीचर थायरॉइड से पीड़ित हैं।



