Greater Noida: अखलाक हत्याकांड में कोर्ट ने केस वापसी की अर्जी की खारिज, सरकार को झटका, जानिए कब-कब क्या हुआ?
अखलाक पक्ष के अधिवक्ता युसूफ सैफी ने बताया कि अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से लगाई गई याचिका को निरस्त कर दिया है। अब छह जनवरी को अगली सुनवाई होगी।

जारचा कोतवाली क्षेत्र के बिसाहड़ा गांव में हुए 28 दिसम्बर 2015 को अखलाक हत्याकांड में मंगलवार को जिला अदालत ने सरकार की तरफ से केस वापसी मामले में दाखिल की गई अर्जी को निरस्त कर दिया है। जिसके बाद सरकार को बड़ा झटका लगा है। जिला न्यायालय ने केस वापसी की अर्जी को महत्वहीन और आधारहीन बताया है।
बता दें कि, 28 सितंबर 2015 की रात गोमांस के शक में अखलाक की पीट—पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना में उनका बेटा दानिश भी घायल हुआ था। न्यायालय में केस वापसी को लेकर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भाग सिंह भाटी ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने उसे आधारहीन मानते हुए निरस्त कर दिया।
अखलाक पक्ष के अधिवक्ता युसूफ सैफी ने बताया कि अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से लगाई गई याचिका को निरस्त कर दिया है। अब छह जनवरी को अगली सुनवाई होगी। इस दौरान शाहिस्ता की गवाही होगी। साथ ही न्यायालय ने कमिश्नर और डीसीपी को गवाह को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए है।
केस में कब क्या हुआ
28 सितंबर 2015 को बिसाहड़ा गांव में बेकाबू भीड़ ने अखलाक के घर पर हमला कर उसे पीटकर मार डाला। 23 दिसंबर 2015 को इस मामले में पुलिस ने 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। 9 जुलाई 2016 को न्यायालय ने अखलाक और उसके परिवार के खिलाफ भी एफआईआर दाखिल की। 26 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश सरकार ने केस वापस लेने का आधिकारिक निर्णय लिया। 12 सितंबर 2025 को प्रॉसिक्यूशन ने अक्षय आदेश के बाद ट्रायल कोर्ट में मामला वापस लेने की कार्रवाई शुरू की। 12 दिसंबर 2025 कोा फास्ट-ट्रैक कोर्ट में केस वापसी की अर्जी पर सुनवाई हुई। सरकार का कहना था कि सुनवाई लंबित है और सामाजिक सद्भाव बनाना उद्देश्य है। कोर्ट ने अगली तारीख तय की। 18 दिसंबर 2025 को सुनवाई जारी रही। न्यायालय ने दोनों पक्षों को रिकॉर्ड करने के लिए और समय दिया। अगली सुनवाई 23 दिसंबर 2025 तय की गई।




