Greater Noida: 60 किलोमीटर दूर से सल्फास खरीदकर लाए जीजा—साली और कर ली आत्महत्या, बिना पोस्टमार्टम के हुआ अंतिम संस्कार
दो दिन पहले गाजियाबाद के उजैडा गांव निवासी आशीष अपनी साली अंशिका को लेकर मेरठ से निकला था। लेकिन उसके बाद वह अपने घर उजैडा नहीं पहुंचा। आशीष की शादी करी आठ साल पहले मेरठ के पथौली गांव में हुई थी।

नेशनल हाईवे पर धूममानिकपुर गांव स्थित बाइपास पर जीजा—साली ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। जहां उपचार के दौरान अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही दोनों के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। हालांकि, बादलपुर कोतवाली पुलिस ने पूरी रात मृतकों के परिजनों से पोस्टमार्टम कराने की बात कही। लेकिन सामाजिक ताना बाना बताकर उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
दो दिन पहले गाजियाबाद के उजैडा गांव निवासी आशीष अपनी साली अंशिका को लेकर मेरठ से निकला था। लेकिन उसके बाद वह अपने घर उजैडा नहीं पहुंचा। आशीष की शादी करी आठ साल पहले मेरठ के पथौली गांव में हुई थी। 19 वर्षीय अंशिका और 30 वर्षीय आशीष गंभीर हालत मेें बाइपास पर लोगों को मिले थे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों को बादलपुर स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टों ने अंशिका को मृत घोषित कर दिया। उधर, आशीष की हालत को गंभीर देखते हुए उसे निजी अस्पताल के लिए रेफर किया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया।
सूचना पाकर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि दोनों मेरठ से सल्फास खरीदकर निकले जीजा—साली ने बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के धूममानिकपुर गांव के पास स्थित बाइपास पर आत्महत्या कर ली। जीजा—साली के शव को लेकर दोनों के परिजन चले गए है। आंशका जताई जा रही है कि प्रेम प्रंसग के चलते दोनों ने आत्महत्या की है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि
अंशिका और आशीष को उपचार के लिए बादलपुर स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां आशीष ने बताया था कि वह मेरठ से दो दिन पहले साथ निकले थे। उनके परिजनों को भी जानकारी नहीं थी। मेरठ से ही दोनों ने सल्फास खरीदी थी। इतनी ही बात बताने के बाद आशीष की हालत और गंभीर हो गई। उन्होंने बताया कि बदनामी के डर से परिजनों ने शव का पोस्स्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।


