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नोएडा में जमीन खरीदने जा रहे हैं? पहले ये खबर पढ़ लें, वरना पछताना पड़ेगा!

नोएडा – नोएडा में अवैध निर्माण और भूमाफ़ियाओं पर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि अधिसूचित क्षेत्र, डूब क्षेत्र और अर्जित भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ध्वस्तीकरण, सीलिंग और एफआईआर की कार्रवाई लगातार की जा रही है।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माण के मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

नोएडा प्राधिकरण के अनुसार वर्ष 2024–25 में 2,15,912 वर्गमीटर भूमि अतिक्रमणमुक्त कराई गई, जबकि वर्ष 2025–26 में अब तक 23,93,158 वर्गमीटर जमीन को कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है। इन जमीनों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2745 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई उजागर करती है कि बड़े स्तर पर अवैध कॉलोनियों और कब्जों का नेटवर्क सक्रिय था, जिस पर प्राधिकरण ने सख्ती से रोक लगानी शुरू कर दी है।

प्राधिकरण ने अब तक लगभग 25 एफआईआर दर्ज कराई हैं। वहीं अवैध गतिविधियों में शामिल पाए गए कर्मचारियों पर भी विभागीय कार्रवाई की गई है, जिनमें सेवा से हटाने और वेतन रोकने जैसे कदम शामिल हैं। प्राधिकरण ने दो टूक कहा है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा।

वर्तमान में 174 अतिक्रमणकर्ता प्राधिकरण के रडार पर हैं और 527 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। साथ ही नागरिकों को लगातार चेतावनी दी जा रही है कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट या फ्लैट खरीदने से बचें।

सीईओ ने नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है। भूमाफ़ियाओं के झांसे में आना सीधा आर्थिक नुकसान साबित हो सकता है, क्योंकि अवैध कॉलोनियों में न तो रजिस्ट्री सुरक्षित होती है और न भविष्य।

नोएडा प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि जो अवैध निर्माण करेगा, उसे ढहाया ही जाएगा। शहर को व्यवस्थित और कानूनसम्मत बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और आने वाले दिनों में और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि अवैध कॉलोनियों से दूर रहें, किसी भी तरह का निवेश करने से पहले कानूनी स्थिति की जांच करें और जहां भी अवैध निर्माण होता दिखाई दे, उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।

Vishnu Pratap

मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

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मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

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