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Greater Noida: जीबीयू में गहराया भ्रष्टाचार का मुद्दा, पोस्टर लगाकर कुलपति से सार्वजनिक तौर पर मांगा जवाब

छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले लगाए गए इन पोस्टरों में विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं, भाई-भतीजावाद, अवैध नियुक्तियों, परीक्षा प्रणाली में हितों के टकराव, छात्रावासों की बदहाल स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था की विफलता तथा प्लेसमेंट और अकादमिक ढांचे के कमजोर होने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय(जीबीयू) में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर छात्रों का असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को विश्वविद्यालय गेट और परिसर में पोस्टर लगाए गए, जिनमें विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्टरों के माध्यम से छात्रों ने सीधे तौर पर कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह से कथित भ्रष्टाचारों और अनियमितताओं पर सार्वजनिक जवाब देने की मांग की है।

छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले लगाए गए इन पोस्टरों में विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं, भाई-भतीजावाद, अवैध नियुक्तियों, परीक्षा प्रणाली में हितों के टकराव, छात्रावासों की बदहाल स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था की विफलता तथा प्लेसमेंट और अकादमिक ढांचे के कमजोर होने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।आरोप है कि विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक इकाइयों, विशेषकर इन्क्यूबेशन सेंटर, सेमिनार और कार्यशालाओं के नाम पर प्राप्त अनुदानों का सही उपयोग नहीं हो रहा है। पोस्टरों में लिखा गया है कि शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक नियुक्तियों और पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे योग्य संकाय सदस्यों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

परीक्षा प्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। छात्रों का कहना है कि हितों के टकराव की स्थिति में किए गए प्रशासनिक निर्णयों से परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता प्रभावित हुई है। इसके साथ ही छात्रावासों में पेयजल, इंटरनेट और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी तथा नशे के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई गई है। पोस्टरों में फीस माफी प्रक्रिया में कथित मनमानी, प्रशासनिक अधिकारियों के छात्रों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार और हाल के महीनों में हुई छात्र मृत्यु एवं आत्महत्या की घटनाओं पर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।

छात्र संघर्ष समिति ने मांग की है कि कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह इन सभी आरोपों पर स्पष्ट जवाब दें और राज्य सरकार द्वारा पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक साख और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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