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Noida: T-20 वर्ल्ड कप के बीच मोबाइल पर खेल चल रहा था ऐसा मैच कि पुलिस भी रह गई हैरान

ये लोग मैच के दौरान लोगों को वीडियो कॉल पर जोड़ते थे और फिर बेटिंग ऐप के जरिए उन्हें टिप्स देते थे। ओवर में कितने रन, विकेट, छक्का और चौका लगेंगे, उसपर बाजी लगवाई जा रही थी।

सेक्टर-113 कोतवाली पुलिस और सीआरटी टीम ने सेक्टर-79 की सोसाइटी के एक फ्लैट में दबिश देने पहुंची पुलिस हैरान रह गई। घर में ही पूरा कंट्रोल रुम चल रहा था। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत पांच को गिरफ्तार किया है। मौके पर मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेट और बेटिंग ऐप के सहारे क्रिकेट पर सट्टा लगाया जा रहा था। वीरवार को मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मैच चल रहा था, जबकि सिविटेक स्टेडिया सोसाइटी के एक फ्लैट में बेटिंग ऐप के जरिए क्रिकेट पर सट्टा लगाया जा रहा था।

ये लोग मैच के दौरान लोगों को वीडियो कॉल पर जोड़ते थे और फिर बेटिंग ऐप के जरिए उन्हें टिप्स देते थे। ओवर में कितने रन, विकेट, छक्का और चौका लगेंगे, उसपर बाजी लगवाई जा रही थी। गिरोह का सरगना हवाला के जरिए पैसा खाते में लिया जाता था। फ्लैट के अंदर पूरा सेटअप तैयार किया गया था। मैच को देखने की पूरी व्यवस्था थी और उसपर सट्टा लगाने की भी। टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान सट्टेबाजी की सूचना मिल रही थी।

डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि गीता कॉलोनी निवासी विनय सहगल, पंजाब निवासी नवदीप सिंह, गीता कॉलोनी निवासी राजीव शर्मा, अमृतर निवासी सलील सेठ और नेपाल निवासी देव कुमार के रूप में हुई है। गिरोह का सरगना विनय सहगल है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से सट्टा लगवाते थे।

जूम एप के जरिए लोगों को जोड़ते थे। टेलीग्राम और वॉट्सऐप के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। पकड़े गए आरोपी क्रिकेट मैच के दौरान लोगों से संपर्क करते थे। साथ ही उन्हें मोटी कमाई का लालच देते थे। मैच में चौका, छक्का, विकेट आदि पर 100 रुपये लगाता है तो उसे 200 रुपये मिलेंगे। इसी झांसे में लोग रकम लगाते थे। हारने और जीतने दोनों स्थिति में ये लोग रकम नहीं वापस करते थे। आरोपियों के पास से 32 मोबाइल, तीन एक्सटेंशन बोर्ड, छह मोबाइल स्टैंड, एक कैलकुलेटर, नौ मोबाइल चार्जर, चार लैपटॉप चार्जर, चार मोबाइल डेटा केबल, दो मोबाइल हेडफोन और चार लैपटॉप डेटा केबल भी बरामद किए गए हैं।

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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