LPG की किल्लत के बीच अब 45 दिनों में मिलेगा सिलेंंडर, इंडक्शन चूल्हों की बढ़ी मांग
ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का नियम बदल दिया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ससंद में बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद ही मिलेगा।

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग से देश में असर पड़ने लगा है। LPG की किल्लत होने से उपभोक्ता परेशान है। सिलेंडर लेने की होड़ में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारे लग रही है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट संचालकों को परेशानी का सबब बन रहा है।
ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का नियम बदल दिया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ससंद में बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद ही मिलेगा। यानी दो सिलेंडरों के बीच अब कम से कम 45 दिन का अंतर रखना जरूरी होगा।
एलपीजी की सीमित उपलब्धता के कारण इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है। पहले जहां महीने में मुश्किल से चार–पांच इंडक्शन बिकते थे, वहीं अब रोजाना कई पीस बिक रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स शॉप्स चलाने वालों की माने तो गैस सिलेंडर महंगा होने और समय पर उपलब्ध नहीं होने की समस्या के चलते बड़ी संख्या में लोग अब इलेक्ट्रिक किचन उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका असर यह है कि बाजार में इंडक्शन चूल्हे, इलेक्ट्रिक केतली, राइस कुकर और माइक्रोवेव जैसे उपकरणों की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है।
एमपी में बढ़ी कालाबाजारी
अभी मध्य प्रदेश में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,910 रुपए है, लेकिन भास्कर इस्वेस्टिगेशन में सामने आया कि भोपाल में गैस एजेंसी पर खुलेआम इसे चारा हजार में बेचा जा रहा है। सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू किया है लेकिन कालाबाजारियों पर इसका असर नहीं पड़ा है।



