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Noida: ‘PM की सोना न खरीदने की अपील का थोड़ा भी पड़ा असर तो भारी हो जाएगा नुकसान’

हर साल करीब 700-800 टन सोने की खपत होती है, जबकि देश में सोने का उत्पादन 1 से 2 टन तक ही हो पाता है। भारत गोल्ड की जरूरत का करीब 90 फीसदी आयात पर निर्भर करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक रैली में लोगों से 1 साल तक सोने की खरीदारी से बचने की भी अपील की है। पीएम मोदी की एक साल तक गोल्ड न खरीदने की अपील की चर्चा हो रही है। ईरान के साथ चल रहे युद्ध, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर होते रुपये के बीच उनकी यह अपील सामने आई है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड खरीदार देश है।

हर साल करीब 700-800 टन सोने की खपत होती है, जबकि देश में सोने का उत्पादन 1 से 2 टन तक ही हो पाता है। भारत गोल्ड की जरूरत का करीब 90 फीसदी आयात पर निर्भर करता है। सोने का भुगतान डॉलर में किया जाता है। सोने का इम्पोर्ट 2025—26 में 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जो 2025 के वित्तीय वर्ष के 58 अरब डॉलर की तुलना में 24 प्रतिशत बढ़ा है।

सोने की खरीदारी न करने की अपील के बाद से सर्राफा व्यापारी चिंतित हैं। अगर कोई सालभर तक सोना नहीं खरीदेगा तो कारोबारियों के लिए जीवन यापन तो दूर दुकानों का किराया तक निकालना मुश्किल हो जाएगा। सेक्टर-18 के नोएडा ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुशील कुमार जैन ने बताया कि एक साल तक रोजगार बंद नहीं किया जा सकता। सरकार को घरों में पड़े सोने को बाहर लाने के लिए गोल्ड विमुद्रीकरण योजना लानी चाहिए।

सराफा कारोबारियों ने कहा कि जिसे सोना खरीदना है वह खरीदेगा लेकिन यदि पीएम मोदी की अपील का थोड़ा भी असर पड़ा तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। ग्राहकों की सबसे ज्यादा मांग सोने के आभूषणों और डायमंड की होती है, जोकि चांदी व अन्य धातुओं की अपेक्षा महंगी है। पीएम की अपील असमंजस में डालने वाली है। जब सुबह अखबारों व सोशल मीडिया पर उनका संबोधन सुना तो कुछ देर के लिए मन भ्रमित हो गया।

ग्राहक भी 50 प्रतिशत कम
प्रधानमंत्री के एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील ने सराफा कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। युद्ध और मंदी के कारण पहले ही 50 प्रतिशत ग्राहक कम हैं। जिन लोगों के यहां पर शादी है, वो सोना खरीदेंगे। अभी पीएम की अपील से सोने के भाव कम होंगे लेकिन दिसंबर तक सोने के दाम काफी बढ़ जाएंगे।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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