Noida: बिगुल दस्ते के दो सदस्य पर लगाया एनएसए, नोएडा श्रमिक हिंसा में रची थी बड़ी साजिश
नोएडा में 13 अप्रैल को हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान 300 से अधिक कंपनियों के शीशे तोड़े गए थे। दो दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।

नोएडा के फेस—2 में हुई श्रमिक हिंसा को भड़काने के आरोपी सत्यम वर्मा और आकृति पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) की कार्रवाई की गई है। जेल में बंद दोनों ही बिगुल दस्ता के सक्रिय सदस्य हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के दौरान आगजनी में अहम भूमिका थी।
नोएडा में 13 अप्रैल को हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान 300 से अधिक कंपनियों के शीशे तोड़े गए थे। दो दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। 42 हजार से अधिक मजदूरों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था। हिंसक प्रदर्शन के मामले में अप्रैल माह में पुलिस ने सत्यम वर्मा और आकृति को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दोनों ने लोगों को उकसा कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया था।
पुलिस कमिश्नरेट नोएडा की इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल और स्थानीय इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 13 अप्रैल की हिंसा अचानक नहीं भड़की थी, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश रची गई थी। जांच में पाया गया कि सत्यम वर्मा और आकृति ने प्रदर्शन से पहले ही इसकी रणनीति तैयार कर ली थी। दोनों ने फेसबुक जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भड़काऊ संदेश फैलाया था।
पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयान के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि प्रदर्शन के दौरान दोनों आरोपी भीड़ को लगातार उकसा रहे थे, जिसके बाद हालात हिंसक हो गए।



