नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सर्विस सेक्टर को मिलेगा बड़ा बूस्ट, लाखों रोजगार की उम्मीद

ग्रेटर नोएडा – आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने की उम्मीद जताई जा रही है। बेहतर कनेक्टिविटी, नए रोजगार अवसर और रिटेल सेक्टर में तेजी के जरिए नोएडा के सर्विस सेक्टर को मजबूत बढ़ावा मिलेगा।
सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन, नोएडा के अध्यक्ष और नोएडा ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुशील कुमार जैन ने कहा कि आने वाले वर्षों में एयरपोर्ट से जुड़े क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। उनके अनुसार रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, ग्राउंड हैंडलिंग और सिक्योरिटी जैसे सेक्टर में 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे, जबकि लॉजिस्टिक्स और कार्गो सेक्टर में करीब 50 हजार अतिरिक्त नौकरियां पैदा होंगी। इसके अलावा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बड़ी संख्या में उत्पन्न होंगे।
उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास ट्रांजिट-ओरिएंटेड मॉल, शॉपिंग प्लाजा और एक्सपेरिमेंटल रिटेल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्लोबल ब्रांड्स और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आकर्षित किया जा सकेगा। यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित कमर्शियल प्रॉपर्टी से मिलने वाला किराया 15 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जो पारंपरिक निवेश विकल्पों से बेहतर माना जा रहा है।
सुशील कुमार जैन के मुताबिक, एयरपोर्ट से जल्दी खराब होने वाले सामानों के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में रियल एस्टेट की मांग तेजी से बढ़ेगी, जो सर्विस सेक्टर के विकास को गति देगी और उत्तर प्रदेश की जीडीपी में 2 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे सकती है। हॉस्पिटैलिटी, वेयरहाउसिंग, डेटा सेंटर और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की भी संभावना है।
एयरपोर्ट के चलते होटल और पर्यटन उद्योग को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। नोएडा अथॉरिटी ने एयरपोर्ट के पास पांच-सितारा और सात-सितारा लक्जरी होटलों के लिए जमीन आवंटित की है, जिससे बिजनेस यात्रियों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और ट्रांजिट यात्रियों की मांग पूरी की जा सके। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बढ़ते निवेश से 5 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
पर्यटन के लिहाज से भी यह एयरपोर्ट महत्वपूर्ण साबित होगा। यह दिल्ली-एनसीआर को आगरा, मथुरा, वृंदावन और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जोड़कर एक ग्लोबल टूरिज्म सर्किट तैयार करेगा। बेहतर मेट्रो, एक्सप्रेसवे और डिजिटल कनेक्टिविटी से एमआईसीई (मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन) पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे नोएडा एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।
सेक्टर-18 मार्केट और आसपास के रिटेल हब को एयरपोर्ट से आने वाले यात्रियों का सीधा लाभ मिलेगा। शुरुआती दौर में नोएडा के होटलों की ऑक्यूपेंसी और राजस्व में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही होटल प्रोजेक्ट्स के लिए रियल एस्टेट की मांग में भी तेजी देखी जा रही है।




