नोएडा श्रमिक हिंसा मामले में बिहार कनेक्शन आया सामने, चर्चित दो महिला प्रवक्ताओं पर मुकदमा दर्ज
आरोप है कि इन्होंने 11 अप्रैल 2026 के मध्य प्रदेश के शहडोल जिले का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जोकि नोएडा का बताया गया।

नोएडा हिंसा की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। नोएडा की साइबर पुलिस ने 14 अप्रैल को एक्स पर गलत और भड़काऊ वीडियो और संदेश पोस्ट करने के मामले में आरजेडी की प्रवक्ता प्रियंका भारती और डॉ. कंचन यादव समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रिंयका भारती ने अपने हैंडल से पोस्ट किया कि नोएडा में कर्मचारी हड़ताल पर है, जिसमें एक वीडियो भी पोस्ट किया। उनकी न्यायसंगत मांगों को सरकार इस बेदर्दी से कुचलती हुई। कंचन यादव ने अपने ट्वीट हैंडल से एक पोस्ट किया, जिसमें उसने लिखा कि गोदी मीडिया मजदूरों का पाकिस्तानी कनेक्शन बता रही है, तो नोएडा पुलिस लात मारकर सैलरी बढ़ा रही है।
आरोप है कि इन्होंने 11 अप्रैल 2026 के मध्य प्रदेश के शहडोल जिले का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जोकि नोएडा का बताया गया। जिसमें पुलिस को एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते दिखाया गया था। साथ ही सेक्टर-62 में आगजनी का झूठा वीडियो फैलाया। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, साजिश के तहत लोगों में पुलिस—प्रशासन के बीच अविश्वास और भय पैदा किया गया। पुलिस के अनुसार, जांच में भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले में राजनीतिक एंगल भी सामने आया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दो राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती और डॉ. कंचन यादव के खिलाफ भी नोएडा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने गलत वीडियो को नोएडा का बताकर शेयर किया, जिससे अलग-अलग इलाकों में भय व अविश्वास का माहौल बना।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पोस्ट में सुनियोजित तरीके से भड़काऊ और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर पुलिस की छवि को धूमिल करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पहले पुलिस के पास प्रदर्शन को लेकर आई चैट में यह भी कहा गया है कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रखी जाए।
अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी भी व्यक्ति की भूमिका भड़काऊ गतिविधियों में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, पुलिस ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह या भड़काऊ संदेश पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सभी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाएगा, इसलिए कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। नोएडा में मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।




