Noida: इंजीनियर युवराज मेहता को बचाने का प्रयास करने वाले मोनिंदर और उसके भाई की न्यायिक हिरासत मंजूर
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि रेस्टोरेंट संचालकों व ढकेल वालों को डरा धमकाकर हर महीने के हिसाब से 20-25 हजार रुपये की रंगदारी मांगते थे।

नोएडा के सेक्टर 150 में गहरे गड्ढे में उतरकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता को बचाने का प्रयास करने वाले मोनिंदर की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। मंगलवार को न्यायालय ने मोनिंदर और उसके भाई की जिला अदालत ने न्यायिक हिरासत मंजूर कर ली है। इनके खिलाफ रेस्टोरेंट संचालकों और ढाबे वालों को डरा धमकाकर हर माह 20 से 25 हजार रुपये की रंगदारी वसूलने का आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि रेस्टोरेंट संचालकों व ढकेल वालों को डरा धमकाकर हर महीने के हिसाब से 20-25 हजार रुपये की रंगदारी मांगते थे। इसको लेकर एक पीड़ित के द्वारा पुलिस से शिकायत की गई। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हो दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान बताया था कि इनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई 2025 में भी हो चुकी है।
अब रंगदारी के मामले में गिरफ्तार किए गए मोनिंदर और उसके भाई नरेंद्र की जिला न्यायालय ने न्यायिक हिरासत मंजूर कर ली है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत मंजूर कर दी है। शुरूआत से ही परिवार के लोग पुलिस पर सवाल खड़े करते हुए आ रहे है। मोनिंदर के भाई सोमिंदर ने बताया कि बिना वजह से ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। साथ ही समय पर उन्हें गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई। वह जल्द ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाएंगे।




