महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को लेकर माकपा का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा 11 सूत्रीय ज्ञापन

ग्रेटर नोएडा: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [माकपा] गौतमबुद्ध नगर जिला कमेटी के नेतृत्व में सोमवार को सूरजपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर महंगाई, बेरोजगारी, आवास संकट, किसानों की समस्याओं और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर जनहित से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) दिल्ली-एनसीआर राज्य सचिव अनुराग सक्सैना ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री, दवाइयों और शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ने से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
राज्य सचिव मंडल सदस्य बृजेश कुमार और राज्य कमेटी सदस्य गंगेश्वर दत्त शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का लाभ बड़े कॉरपोरेट घरानों को मिल रहा है, जबकि आम जनता महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रही है।
जिला सचिव रामसागर ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में मजदूरों को मिलने वाली न्यूनतम मजदूरी जीवन यापन के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में जिला कमेटी सदस्य भरत डेंजर, नरेंद्र पांडे, हर किशन सिंह, जनवादी महिला समिति की नेता आशा यादव, रेखा चौहान, चंदा बेगम, गुड़िया देवी, किसान सभा जिला अध्यक्ष रूपेश वर्मा, एडवोकेट गजेंद्र खारी, एडवोकेट विनोद कुमार, सीटू नेता सुनंद, मुकेश कुमार राघव, रामस्वारथ, अरुण पटेल, हुकम सिंह और टीकम सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
- पेट्रोल, डीजल और सीएनजी पर करों में कटौती।
- आवश्यक वस्तुओं और जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत कर राशन में दाल, तेल और चीनी शामिल करना।
- सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती और शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू करना।
- एनसीआर में न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करना।
- मजदूरों के लिए आवास की व्यवस्था और पुनर्वास के बिना बस्तियां न हटाना।
- भूमि अधिग्रहण में किसानों को उचित मुआवजा और विकसित भूखंड देना।
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नगर निगम का गठन।
- कृषि और सार्वजनिक उद्योगों में निवेश बढ़ाना।
धरने के अंत में पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



