ग्रेटर नोएडा: गंभीर हालत में पहुंचे 63 वर्षीय मरीज का आधुनिक EVAR तकनीक से सफल उपचार, यथार्थ हॉस्पिटल का दावा

ग्रेटर नोएडा – नोएडा एक्सटेंशन स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने दावा किया है कि उसके विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अत्यंत गंभीर स्थिति में पहुंचे 63 वर्षीय मरीज का आधुनिक EVAR (Endovascular Aortic Repair) तकनीक के माध्यम से सफल उपचार कर नई जिंदगी दी। अस्पताल के अनुसार मरीज की हालत इतनी नाजुक थी कि उसके बचने की संभावना बेहद कम बताई जा रही थी और उपचार से पहले उसे 25 यूनिट से अधिक रक्त चढ़ाया जा चुका था।
अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक मरीज पिछले करीब 15 दिनों से लगातार पीठ दर्द, अत्यधिक कमजोरी और मल के साथ खून आने की समस्या से जूझ रहे थे। लगातार आंतरिक रक्तस्राव के कारण उनका ब्लड प्रेशर काफी गिर गया था और स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ता जा रहा था। अस्पताल का कहना है कि उपचार से पहले मरीज को अन्य अस्पतालों में भी दिखाया गया था।
जांच में सामने आई गंभीर बीमारी
यथार्थ हॉस्पिटल के विशेषज्ञों द्वारा की गई जांच में मरीज को एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म (AAA) और एओर्टोएंटरिक फिस्टुला (Aortoenteric Fistula) जैसी गंभीर चिकित्सीय स्थिति का पता चला। अस्पताल के अनुसार इसी वजह से लगातार आंतरिक रक्तस्राव हो रहा था, जिससे मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ रही थी।
मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम ने बनाई उपचार की रणनीति
अस्पताल के मुताबिक मरीज को क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में भर्ती किया गया, जहां कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, क्रिटिकल केयर और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से उपचार की योजना तैयार की। शुरुआती चरण में एंडोस्कोपी और APC (Argon Plasma Coagulation) तकनीक से रक्तस्राव नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। इसके बाद 20 जून 2026 को आधुनिक EVAR प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई, जिसके बाद मरीज की स्थिति में लगातार सुधार दर्ज किया गया।
स्वास्थ्य में हुआ सुधार, अस्पताल से मिली छुट्टी
अस्पताल के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज की नियमित निगरानी की गई। बाद में की गई कैप्सूल एंडोस्कोपी में रक्तस्राव नियंत्रित पाया गया और छोटी आंत के अल्सर भी भरते दिखाई दिए। स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
समय पर जांच और उपचार है जरूरी: डॉ. जीवन पिल्लई
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. जीवन पिल्लई ने बताया कि एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म (AAA) एक गंभीर बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण कई बार स्पष्ट नहीं होते। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार पेट या पीठ में दर्द, मल के साथ खून आना, अचानक कमजोरी या चक्कर आने जैसी समस्याएं हों तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
वहीं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. हार्दिक आहूजा ने बताया कि यह मामला चिकित्सा की दृष्टि से काफी जटिल था। उन्होंने कहा कि आधुनिक जांच तकनीकों और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के कारण मरीज का सफल उपचार संभव हो सका।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और समय पर उपचार से कई गंभीर मामलों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय रहते चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।




