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ग्रैंडथुम में मेंटेनेंस वसूली को लेकर प्रॉपर्टी ओनर्स का विरोध, Full OC तक शुल्क रोकने की मांग

ग्रेटर नोएडा वेस्ट: टेकजोन-4 स्थित ग्रैंडथुम कमर्शियल प्रोजेक्ट में मेंटेनेंस शुल्क की वसूली को लेकर प्रॉपर्टी ओनर्स और बिल्डर के बीच विवाद गहराता जा रहा है। ग्रैंडथुम ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने बिल्डर पर कथित तौर पर अत्यधिक मेंटेनेंस शुल्क वसूलने, तीन महीने का एडवांस मेंटेनेंस मांगने, होल्डिंग चार्ज लगाने और परियोजना की सुविधाएं पूरी नहीं होने के बावजूद पजेशन लेने तथा भुगतान करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि प्रॉपर्टी मालिक वैध और वास्तविक सेवाओं के लिए उचित मेंटेनेंस शुल्क देने के लिए तैयार हैं, लेकिन अधूरी सुविधाओं के बीच मनमाने या अत्यधिक शुल्क की वसूली स्वीकार नहीं की जाएगी।

Full OC मिलने तक मेंटेनेंस रोकने की मांग

एसोसिएशन की प्रमुख मांग है कि A और B दोनों टावरों का Full Occupancy Certificate (OC) मिलने तथा एग्रीमेंट के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने तक नियमित मेंटेनेंस वसूली पर रोक लगाई जाए।

एसोसिएशन का कहना है कि प्रॉपर्टी खरीदते समय जिन सुविधाओं और व्यवस्थाओं का आश्वासन दिया गया था, उन्हें पूरा करना बिल्डर की जिम्मेदारी है। मालिकों का तर्क है कि मेंटेनेंस शुल्क वास्तव में उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और सुविधाओं के अनुरूप होना चाहिए।

तीन महीने के एडवांस मेंटेनेंस पर सवाल

प्रॉपर्टी ओनर्स ने तीन महीने का एडवांस मेंटेनेंस लिए जाने पर भी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने मांग की है कि मेंटेनेंस चार्ज का पूरा ब्रेकअप मालिकों के सामने रखा जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि वसूली जाने वाली राशि किन सेवाओं पर खर्च की जाएगी।

एसोसिएशन के मुताबिक, पहले परियोजना में उपलब्ध सुविधाओं, सेवाओं और वास्तविक मेंटेनेंस लागत को स्पष्ट किया जाना चाहिए और उसके बाद पारदर्शी तरीके से शुल्क निर्धारित किया जाना चाहिए।

अक्टूबर 2025 के Partial OC की जांच की मांग

ग्रैंडथुम ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अक्टूबर 2025 में जारी Partial OC को लेकर भी सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से इसकी उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

एसोसिएशन का सवाल है कि Partial OC जारी किए जाने के समय परियोजना में कौन-कौन सी सुविधाएं पूरी थीं और किन मानकों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी किया गया। एसोसिएशन ने संबंधित दस्तावेज और प्रक्रिया को सार्वजनिक किए जाने की मांग की है।

प्राधिकरण की कार्रवाई पर भी सवाल

एसोसिएशन के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बिल्डर को दो बार बुलाकर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुका है। एसोसिएशन का दावा है कि प्राधिकरण की ओर से बिल्डर को नोटिस भी दिया गया और आवश्यक लीज संबंधी औपचारिकताओं तथा प्रक्रियाओं को पूरा किए बिना पजेशन दिए जाने को लेकर सवाल उठाए गए।

इसके बावजूद एसोसिएशन का आरोप है कि प्रॉपर्टी मालिकों पर पजेशन लेने और भुगतान करने का दबाव लगातार बनाया जा रहा है। एसोसिएशन ने प्राधिकरण से मामले में स्पष्ट और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।

होल्डिंग चार्ज को लेकर भी नाराजगी

प्रॉपर्टी मालिकों ने होल्डिंग चार्ज को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब परियोजना की सुविधाओं और पजेशन की स्थिति को लेकर सवाल मौजूद हैं, तब अतिरिक्त आर्थिक शुल्क लगाना उचित नहीं है।

एसोसिएशन ने मेंटेनेंस, होल्डिंग चार्ज और अन्य शुल्कों की वैधता तथा उनकी गणना के आधार की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की है।

“मालिकों के हितों से समझौता नहीं होगा”

एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष गुप्ता और महासचिव रजत गुप्ता ने कहा कि प्रॉपर्टी मालिक किसी अनुचित लाभ की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग कानून, पारदर्शिता और न्यायसंगत व्यवस्था की है।

उन्होंने कहा कि जब तक दोनों टावरों का Full OC नहीं मिलता और एग्रीमेंट के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक अत्यधिक मेंटेनेंस वसूली पर रोक लगनी चाहिए।

बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी ओनर्स रहे मौजूद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में ग्रैंडथुम के प्रॉपर्टी ओनर्स मौजूद रहे। इनमें सुमित सोम (B-448), गौरव गर्ग (B-815), सार्थक अरोड़ा (A-817/818), आशीष गुप्ता (A-1510), अभिषेक शाह (A-1125), राजत गुप्ता (B-412), अशोक कुमार ओझा (B-912), शिल्पा निमोरे (A-1412), हिमांशु सोलंकी (B-2119), रोहित शर्मा (B-936), डॉ. वीरेंद्र प्रकाश, आर.के. पटेल (A-322), बंटी पोखरियाल, अरुण त्यागी, रविंद्र यादव (A-901B), अनुराग शर्मा (A-913), विभव सिंह और सत्यदेव कुमार सहित अन्य मालिक शामिल रहे।

प्रॉपर्टी मालिकों ने कहा कि उनका उद्देश्य विवाद बढ़ाना नहीं, बल्कि परियोजना की वैधानिक स्थिति, सुविधाओं और मेंटेनेंस व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी

एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि कथित अतिरिक्त वसूली और पजेशन के लिए दबाव जारी रहता है तथा प्राधिकरण की ओर से शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो प्रॉपर्टी ओनर्स लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।

फिलहाल मामले में प्रॉपर्टी मालिकों के आरोपों और मांगों के बीच ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तथा संबंधित बिल्डर का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा। प्राधिकरण की ओर से Partial OC, पजेशन और मेंटेनेंस शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद ही विवाद के सभी पहलुओं की तस्वीर साफ हो सकेगी।

ग्रैंडथुम ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने दोहराया है कि Full OC, एग्रीमेंट के अनुरूप सुविधाएं, पारदर्शी शुल्क व्यवस्था और प्रॉपर्टी मालिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

Vishnu Pratap

मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

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मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

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