Noida: CAM चार्ज के विरोध में इको विलेज-1 निवासियों का 18वें दिन भी धरना जारी, मूलभुत सुविधाओं न मिलने का आरोप
मौजूदा सुविधाओं और व्यवस्थाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है, तो सीएएम में वृद्धि का कोई औचित्य नहीं है।
ग्रेनो वेस्ट वेस्ट की सुपरटेक इको विलेज-1 सोसाइटी में वाईजी फैसिलिटी प्रबंधन की तरफ से बढ़ाए गए कॉमन एरिया मेंटेनेंस और मूलभुत सुविधाओं के अभाव का आरोप लगाकर भीषण गर्मी और बारिश में निवासियों का 18वें दिन भी धरना जारी है।
निवासियों का आरोप है कि जब मौजूदा सुविधाओं और व्यवस्थाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है, तो सीएएम में वृद्धि का कोई औचित्य नहीं है। उनका कहना है कि वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं बनी हुई हैं और शिकायतों के बावजूद उनका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। बेसमेंट में कई स्थानों पर सीवर और गंदा पानी जमा रहता है और पानी टपकने की समस्या बनी हुई है। जगह-जगह कूड़ा और मलबा दिखाई देता है। लिफ्ट संबंधी समस्याएं लगातार बनी रहती हैं और पूर्व में दुर्घटनाओं की शिकायतें भी सामने आई हैं।
हॉर्टिकल्चर के उचित रखरखाव के अभाव में पौधों की नियमित कटाई-छंटाई, गुड़ाई और हरियाली का रखरखाव प्रभावित हो रहा है।कॉमन एरिया की सफाई व्यवस्था को लेकर निवासी लगातार शिकायत कर रहे हैं। कई टावरों से प्लास्टर और कंक्रीट के टुकड़े गिरने की शिकायतें हैं, जिससे पूर्व में वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है। इससे निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। क्लब की व्यवस्थाओं और बैठने की सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। किड्स प्ले एरिया में उखड़ी हुई टाइलों के कारण बच्चों के चोटिल होने की शिकायतें हैं। आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।
पार्किंग व्यवस्था चरमराई हुई है। निवासियों का आरोप है कि ग्रीन एरिया के कुछ हिस्सों का भी पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और ड्राइव-वे पर वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं। पार्किंग विवादों को लेकर विवाद और मारपीट की घटनाओं का भी उल्लेख किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी निवासी चिंतित हैं। चोरी सहित अन्य घटनाओं के कारण सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठ रही है।
निवासी संजय शर्मा का कहना है कि YG फैसिलिटी प्रबंधन को CAM के अलावा भी सोसाइटी से विभिन्न माध्यमों से राजस्व प्राप्त होता है। उनके अनुसार इनमें किरायेदारों एवं नियमित वेंडरों से गेट पास के नाम पर शुल्क, बिजली के फिक्स्ड चार्ज से संबंधित वसूली, बिजली भार बढ़ाने के लिए 11,800 प्रति किलोवाट की वसूली की जा रही है।
संजय शर्मा का कहना है कि व्यक्तिगत फ्लैटों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी निवासियों को फैसिलिटी कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई लोग लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं होने के कारण मजबूर होकर निजी स्तर पर काम करवाते हैं।



