Noida: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ने थामा आजाद समाज पार्टी का दामन
दिल्ली स्थित नॉर्थ एवेन्यू के सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य अमित कसाना की मौजूदगी में उमेश भाटी और उनके साथियों को पार्टी में शामिल कराया गया।

जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश भाटी (देवटा) ने अपने समर्थकों के साथ आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का दामन थाम लिया। नगीना से सांसद एवं भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के विचारों और सामाजिक न्याय की अवधारणा से प्रेरित होकर उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस कदम को जिले में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
दिल्ली स्थित नॉर्थ एवेन्यू के सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य अमित कसाना की मौजूदगी में उमेश भाटी और उनके साथियों को पार्टी में शामिल कराया गया। सदस्यता ग्रहण करने के दौरान समर्थकों में उत्साह दिखाई दिया। इस मौके पर पार्टी की विचारधारा, सामाजिक समानता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई गई।
सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा पर जोर
पार्टी नेतृत्व की ओर से कहा गया कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) सामाजिक न्याय, समानता और भारतीय संविधान की रक्षा के उद्देश्य के साथ काम कर रही है। संगठन का लक्ष्य ऐसा समतामूलक समाज स्थापित करना है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के सम्मान, समान अवसर और न्याय मिल सके। नए सदस्यों से भी इन विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपेक्षा जताई गई।
जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को मिल सकता है विस्तार
पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उमेश भाटी और उनके साथ शामिल हुए सभी साथियों का स्वागत करते हुए उन्हें सामाजिक परिवर्तन के अभियान में सहभागी बनने पर बधाई दी। वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में उमेश भाटी का स्थानीय स्तर पर अनुभव और उनके समर्थकों की भागीदारी जिले में पार्टी की गतिविधियों को विस्तार देने में भूमिका निभा सकती है।
गौतमबुद्धनगर में उमेश भाटी के पार्टी से जुड़ने के बाद अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर रहेगी कि वह अपने समर्थकों के साथ संगठन को जमीनी स्तर पर किस तरह सक्रिय करते हैं और आने वाले समय में जिले की राजनीति में उनकी भूमिका किस रूप में सामने आती है।




