Noida: ग्रेनो प्राधिकरण पर किसानों के पुलिस ने की धक्का-मुक्की, जेसीबी लगाकर रास्ता रोका
किसान संगठनों के प्रदर्शन के ऐलान को देखते हुए प्राधिकरण परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।

किसानों के आंदोलन को लेकर बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा में पुलिस और किसान आमने-सामने आ गए। विभिन्न मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन करने जा रहे किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने रास्तों पर जेसीबी लगाकर घेराबंदी कर दी। इसके बावजूद कुछ किसान जैतपुर गोलचक्कर के पास पहुंच गए, जहां उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी बहस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने करीब 65 किसानों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
किसान संगठनों के प्रदर्शन के ऐलान को देखते हुए प्राधिकरण परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कई थानों की पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी तैनात रहे। किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कुछ लोगों को घरों में ही नजरबंद कर दिया गया। वहीं, पुलिस की घेराबंदी के बीच प्राधिकरण की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए अतिरिक्त बल लगाया गया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों और किसानों के बीच धक्का-मुक्की के वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए।
इससे पहले बुधवार को यमुना प्राधिकरण पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए किसानों को शांतिभंग के मामले में जेल भेजा गया था। उनकी रिहाई की मांग को लेकर किसान नेता बृजेश भाटी ने बृहस्पतिवार को कासना कोतवाली प्रभारी पंकज शर्मा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने किसानों की तत्काल बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए कहा कि किसानों के सम्मान और न्याय के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों की हिरासत के विरोध में गौतमबुद्ध नगर दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमेश भाटी किसानों के साथ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे और घेराव किया। उन्होंने हिरासत में लिए गए किसानों को रिहा करने की मांग उठाई। उमेश भाटी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से हिरासत में लिए गए करीब 65 किसानों को रिहा कर दिया गया है।

