×
Uncategorized

Noida: भंगेल सीएचसी ने पेश की मिसाल, 30 बेड का अस्पताल, रोजाना 1000 मरीज, पांच साल से मातृ मृत्यु शून्य

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. यतेंद्र सिंह ने बताया कि सीएचसी में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध हैं। पहले यहां ओपीडी में रोजाना 300 से 400 मरीज आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर करीब एक हजार हो गई है।

नोएडा के भंगेल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ बुनियादी व्यवस्थाओं में भी बड़ा बदलाव किया गया है। गौरी शिक्षा फाउंडेशन के सहयोग से अस्पताल परिसर में पीने के साफ पानी, रोशनी और सुरक्षा की व्यवस्था दुरुस्त की गई है। 30 बेड की क्षमता वाले इस स्वास्थ्य केंद्र में अब रोजाना करीब एक हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, पिछले पांच वर्षों में यहां मातृ मृत्यु दर शून्य रहने का रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया है।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. यतेंद्र सिंह ने बताया कि सीएचसी में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध हैं। पहले यहां ओपीडी में रोजाना 300 से 400 मरीज आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर करीब एक हजार हो गई है। अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, सामान्य ओपीडी, आयुष चिकित्सा, होम्योपैथी और ब्लड बैंक स्टोरेज यूनिट (बीएसयू) जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में संस्थागत प्रसव के दौरान मातृ स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाता है। पिछले पांच वर्षों में मातृ मृत्यु का कोई मामला सामने नहीं आया है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जाता है, जिससे उन्हें बेहतर इलाज मिल सके।

आरओ, वाटर कूलर और सीसीटीवी से मजबूत हुई व्यवस्था
गौरी शिक्षा फाउंडेशन के संस्थापक मुकेश शर्मा के प्रयासों से अस्पताल परिसर और नवनिर्मित एमसीएच विंग में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया गया है। यहां आरओ और वाटर कूलर ठीक कराए गए हैं। परिसर में पर्याप्त रोशनी के लिए लाइटें लगाई गई हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

मुकेश शर्मा ने कहा कि अस्पताल आने वाला व्यक्ति पहले से ही परेशानी में होता है। ऐसे में उसे साफ पीने का पानी, रोशनी और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। जिलाधिकारी मेधा रूपम से चर्चा के बाद फाउंडेशन ने अस्पताल की बुनियादी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों और संस्थाओं को सरकारी अस्पतालों तथा स्कूलों की सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए आगे आना चाहिए।

भंगेल सीएचसी में हुए बदलाव ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की साझेदारी की अहमियत को सामने रखा है। यह पहल बताती है कि सामूहिक प्रयासों से अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Tags

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Related Articles

Back to top button
Close