Noida: जमीन विवाद में पंचायत के दौरान ग्रेटर नोएडा में हुए दोहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला, पांच सगे भाई समेत 9 को उम्रकैद
अभियोजन के अनुसार, गिरधरपुर सुनारसी गांव में 8 फरवरी 2021 को जमीन पर कब्जे के विवाद को सुलझाने के लिए बुलाई गई पंचायत में देवेंद्र और उसके साथियों ने गाली-गलौज की।

गौतमबुद्ध नगर के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में हुए दोहरे हत्याकांड मामले में करीब पांच साल बाद जिला न्यायालय की द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सोमप्रभा मिश्रा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। इस हत्याकांड मामले में पुलिस अदालत ने पांच सगे भाइयों समेत नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, गिरधरपुर सुनारसी गांव में 8 फरवरी 2021 को जमीन पर कब्जे के विवाद को सुलझाने के लिए बुलाई गई पंचायत में देवेंद्र और उसके साथियों ने गाली-गलौज की। साथ ही अपनी लाइसेंसी और अन्य हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस दौरान गोली लगने से सुरेश उर्फ सलेक, अमित पुत्र गजेंद्र और प्रेम पुत्र खजान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। यशोदा अस्पताल में अमित को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सुरेश उर्फ सलेक की इलाज के दौरान मौत हो गई। तीसरे घायल प्रेम का लंबे समय तक इलाज चला। दो लोगों की मौत के बाद गांव में तनाव फैल गया था।
इस हत्याकांड के मामले में वादी सुनील ने बादलपुर कोतवाली में देवेंद्र, रविंद्र, सतेंद्र, धर्मेंद्र, जितेंद्र, भोपाल, अमित बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा, गाली-गलौज और क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य एकत्र कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन ने प्रत्यक्षदर्शियों, चिकित्सकीय साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद सभी नौ आरोपियों को दोषी करार दिया। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई।
दोषियों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि देवेंद्र, रविंद्र, सतेंद्र, धर्मेंद्र और जितेंद्र सगे भाई हैं। परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। उनके पिता का निधन हो चुका है। महिपाल अविवाहित है। वहीं उसके भाई भोपाल के दो बच्चे हैं। दो सगे अमरजीत बंसल और अमित बंसल की ओर से भी छोटे बच्चों और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए नरमी बरतने की मांग की गई। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सभी का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। इसलिए कम से कम सजा दी जाए।
एडीजीसी अपराध धर्मेंद्र जयंत ने बताया कि अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि अपराध की प्रकृति, गंभीरता और उसके सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखना आवश्यक है। न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक मामले में न्याय के उद्देश्य की पूर्ति के लिए उपयुक्त दंड निर्धारित किया जाना चाहिए। घटना के गवाह प्रेम सिंह की 16 दिसंबर 2021 को हत्या कर दी गई थी। इन्हें तीन गोली मारी गई थी। घटना के दौरान भी प्रेम सिंह गोली लगने से घायल हुए थे।


