Noida: रबूपुरा में पांच की मौत: मकान नाम कराने को लेकर परेशान था महेश, ऑडियो रिकॉर्डिंग से किया गया बड़ा दावा
पुलिस ने आसपास के लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ की तो पता चला कि महेश अपनी मां के साथ जिस मकान में रहता था, उसे उसकी बड़ी बहन सुनीता ने कथित तौर पर मां चंद्रवती को प्रभावित कर अपने नाम करा लिया था।

रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के नगला पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले में पुलिस ने मृतक महेश की बहन, बहनोई और छोटी बहन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महेश के मोबाइल फोन में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग में उसने अपनी बड़ी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को इस घटना के लिए जिम्मेदार बताया था। मृतका ललिता के भाई की शिकायत पर तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को नगला पदम गांव में महेश (37), उसकी पत्नी ललिता (35) और उनके तीन बच्चों लड्डू उर्फ साक्षात (11), मिस्टी (7) और रियांश (3) के घर में मृत पाए जाने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, परिवार 16 अक्टूबर की रात बाहर से घर लौटा था। इसके बाद खाना खाकर सो गया था। अगले दिन सुबह पांचों के मृत मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी।
मकान को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस ने आसपास के लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ की तो पता चला कि महेश अपनी मां के साथ जिस मकान में रहता था, उसे उसकी बड़ी बहन सुनीता ने कथित तौर पर मां चंद्रवती को प्रभावित कर अपने नाम करा लिया था। इस बात की जानकारी होने के बाद से महेश काफी परेशान रहने लगा था। पुलिस अब इस पारिवारिक विवाद को भी मामले की जांच का अहम हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही है।
सीसीटीवी फुटेज में बाहरी व्यक्ति नहीं आया नजर
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। शुरुआती जांच में घर के अंदर किसी बाहरी व्यक्ति के आने की जानकारी नहीं मिली। महेश के मोबाइल फोन की जांच के दौरान एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली, जिसमें उसने अपनी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना पर आरोप लगाए थे।
विसरा जांच से स्पष्ट होगी मौत की वजह
पुलिस ने घटनास्थल पर एफएसएल और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम बुलाकर जांच कराई थी। पांचों शवों का चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। चिकित्सकों ने सभी शवों का विसरा सुरक्षित किया है, जिसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विसरा रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
पुलिस ने मामले में शेखर उर्फ चंद्रशेखर (50), उसकी पत्नी सुनीता (45) और सपना (32) को 18 अक्टूबर को गिरफ्तार किया है। तीनों दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



