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Noida: नियमों को ताक पर रखकर पैरेंट्स से मनमानी तरीके से फीस वसूलने वाले स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई, लगाया मोटा जुर्माना

जिलाधिकारी मेधा रुपम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक आयोजित की गई।

मनमाने तरीके से वसूली गई फीस के मामले में जिला प्रशासन ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाते हुए जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में सात स्कूलों पर जुर्माना लगाया है। जिलाधिकारी ने सभी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। निजी स्कूलों की तरफ से नए शैक्षिक सत्र में मनमाने तरीके से फीस बढ़ोत्तरी करने और फीस रेग्युलेटरी एक्ट का पालन न करने पर यह कार्रवाई की गई है। अधिनियम-2018 के तहत निजी स्कूल अधिकतम 7.23 प्रतिशत ही फीस बढ़ा सकते हैं।

जिलाधिकारी मेधा रुपम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए शुल्क वृद्धि एवं शुल्क विनियमन अधिनियम के प्रावधानों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया है कि छह स्कूलों ने निर्धारित सीमा 7.23 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ोतरी की है, जबकि एक कम्पोजिट स्कूल ने फीस के अतिरिक्त अलग से एनुअल चार्ज लिया। इस पर जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत जरुरी निर्णय लिया।

समिति द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क वृद्धि करने वाले विद्यालयों को पूर्व में कुल 45 नोटिस जारी कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद भी सात स्कूलों ने उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए निर्धारित सीमा से अधिक फीस वृद्धि की गई। उसके बाद सेक्टर-16 नोएडा के एपीजे स्कूल, एचएस—1 स्पर्श ग्लोबल स्कूल, रामाज्ञा स्कूल, विश्व भारती स्कूल, श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, और ग्रेनो वेस्ट का सेंट जोंस स्कूल पर निर्धारित सीमा से अधिक फीस वृद्धि किए जाने के कारण उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 की धारा 4(1) के उपबंधों का प्रथम बार उल्लंघन मानते हुए एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है।

बैठक में यह भी पाया गया कि बाल भारती पब्लिक स्कूल, सेक्टर-21 नोएडा द्वारा शैक्षिक वर्ष 2025-26 का फीस स्ट्रक्चर अपनी वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया। अलग से एनुअल चार्ज लिया गया। इसे अधिनियम के प्रावधानों का प्रथम बार उल्लंघन मानते हुए स्कूल पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है।

 

 

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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