Noida: नोएडा एयरपोर्ट उतरने वाले यात्री दिखाई दिए उत्साहित, सीएम योगी बोले-अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं जेवर
मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसानों से किया संवाद

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली फ्लाइट लैंड करने के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। लखनऊ से आई पहली उड़ान के यात्रियों में इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। यात्रियों ने एयरपोर्ट की सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रदेश के विकास से जुड़े अपने विचार भी व्यक्त किए।
पहली उड़ान से नोएडा पहुंचीं यात्री मेधा ने बताया कि यह यात्रा उनके परिवार के लिए बेहद खास रही। उन्होंने कहा कि वह अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ सफर कर रही हैं और उनकी बेटी को विशेष रूप से पायलट की वेशभूषा पहनाकर लाया गया है। मेधा ने मुस्कुराते हुए बताया कि उन्होंने और उनके पति ने अपनी बेटी को पायलट के रूप में देखने का सपना संजोया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में बेटी जो भी बनना चाहेगी, उसका फैसला वही करेगी, लेकिन आज उसे पायलट की ड्रेस में देखकर परिवार बेहद खुश है।
जेवर के निर्माण के लिए भूमि देने वाले किसान सोमवार को लखनऊ पहुंचे। जेवर से लखनऊ के लिए संचालित पहली फ्लाइट से राजधानी पहुंचे इन किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर भव्य स्वागत व सम्मान किया गया। यहां किसानों ने अपने उद्गार व्यक्त किए, मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया और उनके प्रति आभार भी प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि जेवर अब वह क्षेत्र बन गया है, जहां ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं। उन्होंने कर्मशियल फ्लाइट प्रारंभ करने के लिए इंडिगो के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा
सीएम ने कहा कि जब हमारी कैबिनेट ने जेवर में एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित किया तो मैंने नोएडा के जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से कहा कि 100 दिन के भीतर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ हो जाए, लेकिन इस अवधि तक कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई। मैंने वहां पहुंचकर समीक्षा बैठक ली तो पता चला कि कोई प्रगति नहीं हुई है। तब मैंने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में लगभग 100 किसानों के साथ बैठक की। मैंने कहा कि एयरपोर्ट बनाना है तो किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया। असमंजस की स्थिति थी। मैंने कहा कि हम यहां विकास करना चाहते हैं, फिर भी लोगों ने मना कर दिया। मैंने अनुरोध किया कि एक घंटे का समय है, सोचिए। यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा।



