Noida: डॉ. गूगल और AI बांट रहा गंभीर बीमारी, खुद घर या दफ्तर में बैठकर न बने डॉक्टर
तेजी से बढ़ते डिजिटल दौर में डॉ. गूगल और AI पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। यह लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

भागदौड़ भरी जिदंगी में लोगों की जीवनशैली में परिवर्तन आ रहा है। समय न मिल पाने की वजह से छोटी—छोटी बीमारियों को हल्के में ले रहे है, जोकि भविष्य में सही इलाज न होने पर उसके परिणाम गंभीर हो सकते है।
तेजी से बढ़ते डिजिटल दौर में डॉ. गूगल और AI पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। यह लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉ. विनय लाबरू ने चेतावनी दी कि अधूरी और अप्रमाणित जानकारी के कारण लोग गलत तरीके से सेल्फ डायग्नोसिस कर रहे हैं, जिससे इलाज में देरी और बीमारी के बढ़ने का खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन दे सकती है, लेकिन सही निदान के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है, क्योंकि हर मरीज की स्थिति अलग होती है। जिसके आधार पर हर डॉक्टर हर मरीज के लिए लाइन ऑफ ट्रीटमेंट चुनता है, जो गूगल एआई के द्वारा संभव नहीं है।
डॉ. लाबरू के अनुसार, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियां अब कम उम्र में तेजी से बढ़ रही हैं, जिनका कारण खराब लाइफस्टाइल, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या इंटरनेट के बजाय विशेषज्ञों की सलाह पर भरोसा करें, नियमित जांच कराएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। सही समय पर सही इलाज ही बेहतर स्वास्थ्य की सबसे बड़ी कुंजी है।




