×
उत्तर प्रदेशगौतम बुद्ध नगरग्रेटर नोएडानोएडानोएडा वेस्टराजनीतिराज्य

ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में बीएसएफ का पराक्रम, महिला जवानों ने संभाली मोर्चा, पाक चौकियों को भारी नुकसान !

नोएडा : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और गोलीबारी का सिलसिला कई दिनों तक चलता रहा।

इस दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान की नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया। इस ऑपरेशन में बीएसएफ की महिला जवानों की भूमिका बेहद अहम रही।

महिला जवानों ने अग्रिम चौकियों पर दिखाई बहादुरी

बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महिला जवानों ने अग्रिम पोस्ट पर बहादुरी से मोर्चा संभाला।

सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी ने एक अग्रिम चौकी की कमान संभाली, जबकि कॉन्स्टेबल मंजीत कौर, मलकीत कौर, ज्योति, सम्पा और स्वप्ना समेत कई महिला जवानों ने सक्रिय रूप से पाकिस्तान की गोलीबारी का जवाब दिया।

भारत ने खोए अपने जांबाज़ सिपाही

पाकिस्तान की ओर से हुई ड्रोन हमले और गोलीबारी में बीएसएफ को अपने तीन बहादुर जवानों को खोना पड़ा। सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, कॉन्स्टेबल दीपक कुमार और भारतीय सेना के नायक सुनील कुमार शहीद हुए। उनके सम्मान में बीएसएफ ने दो पोस्ट्स के नाम इन शहीदों के नाम पर रखने और एक पोस्ट का नाम ‘सिंदूर’ रखने का प्रस्ताव रखा है।

पाकिस्तानी चौकियों पर करारा वार

आईजी शशांक आनंद ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी का जवाब देने के लिए बीएसएफ पहले से तैयार थी। भारत ने न सिर्फ जवाबी कार्रवाई की, बल्कि सीमा पार स्थित कई पाकिस्तानी चौकियों को भारी नुकसान भी पहुंचाया।

लश्कर के लॉन्चपैड पर बीएसएफ का हमला

9 और 10 मई की रात को बीएसएफ ने पाकिस्तान में स्थित लश्कर-ए-तैयबा के लॉन्चपैड “लूनी” पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया। यह लॉन्चपैड अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 3 किलोमीटर दूर था। इस हमले से पाकिस्तान की आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली रणनीति को करारा झटका लगा।

20 आतंकियों की मौजूदगी की थी सूचना

सुंदरबनी के डीआईजी वीरेंद्र दत्ता ने बताया कि बीएसएफ को खुफिया जानकारी मिली थी कि लूनी क्षेत्र में 18-20 आतंकी मौजूद हैं, जो गोलीबारी की आड़ में भारतीय सीमा में घुसपैठ की योजना बना रहे थे। बीएसएफ की सटीक कार्रवाई ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।

निष्कर्ष:

ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवान, चाहे वे पुरुष हों या महिलाएं, किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटते।

बीएसएफ का यह साहसिक कदम न सिर्फ पाकिस्तान को करारा जवाब है, बल्कि देशवासियों के लिए गर्व की बात भी है।

 

Divya Gupta

Tags

Related Articles

Back to top button
Close