Noida: सपा नेता माता प्रसाद पांडे बोले-भाजपा पूंजीवाद को दे रही बढ़ावा, श्रमिका का किया जा रहा उत्पीड़न, सच्चाई से डरी
समाजवादी पार्टी मजदूर और श्रमिकों के हितों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।

नोएडा हिंसा के मामले में शुक्रवार को श्रमिकों से मिलने आ रहे सपा के प्रतिनिधित्व मंडल को डीएनडी पर पुलिस ने रोक दिया। उत्तर प्रदेश के विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे समेत कई नेताओं को लेकर पुलिस सूरजपुर स्थित पुलिस लाइन लेकर पहुंची। जहां पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी से उनकी वार्ता कराई गई। सपाईयों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए है और कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
सपा नेताओं ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर आंदोलन कर श्रमिकों और मजदूरों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया है। अब उन्हें जेल में डाला जा रहा है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे समेत के नेतृत्व में नोएडा पंहुचा। जिसमें पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी, महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता, विधायक कमाल अख्तर, विधायक अतुल प्रधान, विधायक पंकज मलिक, पूर्व एमएलसी शशांक यादव, फकीर चंद नागर आदि नेता मौजूद रहे।
हालांकि, नेताओं और पुलिस के बीच में तीखी बहस भी हुई। पुलिस लाइन में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और प्रशासिक अधिकारियों से वार्ता की। इस दौरान पुलिस आयुक्त ने किसी भी निर्दोष व्यक्ति को पर कार्यवाई न करने का विश्वास दिलाया। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि नोएडा में मजदूरों का हुआ आंदोलन उग्र होना भाजपा सरकार की बड़ी विफलता है। भाजपा सरकार पूंजीवाद को बढ़ावा दे श्रमिकों और मजदूरों का उत्पीड़न कर रही है। मजदूरों की पीड़ा सुनने आए समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को मजदूर और मजदूरों के परिवार से नहीं मिलने देना लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा सरकार मजदूरों हो रहे अत्याचार और उत्पीड़न की सच्चाई उजागर होने के डर रही है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मजदूर और श्रमिकों के हितों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और उन्हें उनका हक दिलाने के लिए उनकी आवाज सदन में उठाने का काम करेगी। इस मौके पर पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर ने कहा कि भाजपा सरकार दमनकारी नीति अपनाते हुए श्रमिकों का शोषण कर रही है। श्रमिकों को 12-12 घंटे काम करने के बाद भी उन्हें उचित मजदूरी नहीं मिल रही है। सरकार से अपने हक मांगने पर अपराधियों की तरह पीड़ित कर जेल भेजा जा रहा है।




