Noida: नोएडा हिंसा में उद्यमी ने व्यक्त की पीड़ा, सरकार के कदम से बंद हो जाएंगी कंपनियां!
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उद्यमियों का भी दर्द सामने आया है। उद्यमियों की माने तो वेतन बढ़ोतरी के दौरान उच्च स्तरीय समिति ने उनके पक्ष को नजर अंदाज किया है।

नोएडा हिंसा में आगजनी, तोड़फोड़ और शांति भंग समेत अन्य धाराओं में पुलिस अभी तक 1050 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, शासन के आदेश पर गठित उच्च स्तरीय समिमि पहले ही वेतन बढ़ोतरी कर चुकी है। साथ ही अभी वेज बोर्ड को भी पूरे मामले में हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए गए है। सरकार की माने तो मजदूरों के हितों से खिलावाड़ नहीं होने दिए जाएगा।
उधर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उद्यमियों का भी दर्द सामने आया है। उद्यमियों की माने तो वेतन बढ़ोतरी के दौरान उच्च स्तरीय समिति ने उनके पक्ष को नजर अंदाज किया है। इसकी वजह से भारी बोझ अब उनपर पड़ेगा। साथ ही बड़ी संख्या में कंपनियां बंद होने के कगार पर पहुंच जाएगी। आईईए के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि उन्होंने बताया कि उच्च स्तरीय समिति की तरफ से 21 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा 12.50 पीएफ, 3.75 ईएसआई और 8.33 प्रतिशत बोनस भी देना है। इससे 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का भार पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों को हित में वह भी है। श्रमिक ही कंपनियों की रीढ़ है। लेकिन उद्यमियों को भी सुना जाना चाहिए था। इसी को लेकर शुक्रवार को इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, इंडियन इंटरप्रेन्योर एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती और ईकोटेक 12 एसोसिएशन ने प्रेसवार्ता की। आईआईए ग्रेटर नोएडा चैप्टर के चेयरमैन सरबजीत सिंह, जेएस राणा, अमित शर्मा, पुष्पेंद्र तिवारी, खुशबू सिंह, नरेश गुप्ता, संजय बत्रा आदि ने बताया कि गल्फ वार की वजह से ट्रांसपोर्ट चार्ज और अब वेतन बढ़ोतरी ने उनकी कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह वेतन बढ़ोतरी की गई है, उसी पैटर्न पर आगामी एक साल में ही फिर से श्रमिक सड़कों पर आए तो उनपर फिर से बोझ डाला जा सकता है।




