Noida: नवजात को बेचने के मामले में प्रेमी और प्रेमिका गिरफ्तार, अस्पताल की मालिक के साथ मिलकर रचा गया गंदा खेल
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की पहचान पुलिस ने मथुरा के औरंगाबाद गांव निवासी पुष्पा रानी और बिसरख निवासी अरुण कुमार के रूप में की है।

बिसरख कोतवाली पुलिस ने नवजात की खरीद फरोख्त करने के प्रयास में दो ओर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ही आरोपी प्रेमी और प्रेमिका बताए जा रहे है। साथ ही महिला अस्पताल में नौकरी कर चुकी है। वह नौकरी छोड़ने के बाद घरों में केयर टेकर का काम करती थी। वहीं, प्रेमी ने ही अपनी प्रमिका के साथ मिलकर नवजात को नोएडा की एक दंपति को बेचने का प्रयास किया। अस्पताल के मालिक याशिका भी खरीद फरोख्त में शामिल है। इससे पहले पुलिस अस्पताल की मालिक याशिका समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की पहचान पुलिस ने मथुरा के औरंगाबाद गांव निवासी पुष्पा रानी और बिसरख निवासी अरुण कुमार के रूप में की है। पुष्पा अस्पताल में नर्स थी। उसने तीन साल पहले नौकरी छोड़ दी। उसके बाद भी वह अस्पताल की मालिक यशिका के संपर्क में रहती थी। अस्पताल की मालिक याशिका समेत तीन को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। याशिका ने ही पुष्पा से नवजात को बेचने के लिए संपर्क किया था। अरुण ने नोएडा के रहने वाले दंपति से संपर्क कर नवजात की जानकारी दी। इनके बीच में 2.60 लाख रुपये में सौदा हुआ था।
पुष्पा अरुण की प्रेमिका है।
सूत्रों ने दावा किया है कि पुलिस जांच में सामने आया है कि नवजात का सौदा कराने वाली नवजीवन अस्पताल में लिंग परीक्षण भी किया जाता था। जिस अविवाहिता युवती ने बच्ची को जन्म दिया था। सूत्रों की माने तो वह अपनी मां के साथ अस्पताल आई थी। याशिका से बातचीत कर उसे डिलीवरी के लिए भर्ती कराया और डिलीवरी होने पर नवजात को अस्पताल में छोड़ने की बात कही। जिसके बाद नवजात को जन्म देने वाली युवती वहां से अपनी मां के साथ चली गई।



