Noida: ATS ने ISI से जुड़े दो आतंकियों को किया गिरफ्तार, घरों में ग्रेनेड से हमला की कोशिश नाकाम, तुषार से बना हिजबुल्ला
कहीं ग्रेनेड फेंकना था तो किसी की हत्या करनी थी। वारदातों के लिए स्लीपर सेल भी तैयार की जा रही थी, लेकिन भनक लगते ही यूपी एटीएस ने दोनों नोएडा से दबोच लिया।
यूपी एटीएस ने आईएसआई से जुड़े दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी मॉल और औद्योगिक इलाकों पर हमले की साज़िश रच रहे थे। इनके पास से हथियार, गोला-बारूद और मोबाइल बरामद किए गए हैं। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। एटीएस की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर एनसीआर में बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी थी।
कहीं ग्रेनेड फेंकना था तो किसी की हत्या करनी थी। वारदातों के लिए स्लीपर सेल भी तैयार की जा रही थी, लेकिन भनक लगते ही यूपी एटीएस ने दोनों नोएडा से दबोच लिया। बागपत के रमाला निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और पुरानी सीमापुरी दिल्ली निवासी समीर खान आईएसआई के संपर्क में थे।
यह दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी व आबिद जट के इशारे पर काम कर रहे थे। पिछले कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय थे और स्लीपर सेल को मजबूत करने की तैयारी में थे। इन दोनों ने संवेदनशील जगहों की रेकी थी और कई सार्वजनिक स्थानों पर भी नजर टिकाए हुए थे।
तुषार चौहान और समीर खान लगातार शहजाद के संपर्क में थे। शहजाद के इशारे पर उन्हें घरों पर भी ग्रेनेड से हमला करना था। पाकिस्तानी एजेंटों ने तुषार और समीर को पैसे और पिस्टल भी भिजवाए थे, जो उनके पास से बरामद हुईं हैं। इनमें से कई कॉल पर पाकिस्तानी हैंडलर भी जुड़े थे। इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर
से जुड़े थे। इसके बाद वह पाकिस्तान के कुछ कट्टरपंथी यूट्यूबर के संपर्क में भी आ गए। जिसके बाद उन्हें पैसे का लालच देना शुरू कर दिया।
20 वर्षीय तुषार चौहान वर्तमान में कंकरखेड़ा, मेरठ में रहता था। उसने एजेंसी को बताया कि सोशल मीडिया व अन्य लोगों के बहकावे में आकर वह इस्लाम के प्रति आकर्षित हो गया था। झुकाव बढ़ने से उसने इस्लामिक परंपराओं का भी पालन करना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने अपना नाम हिजबुल्ला अली खान रख लिया था।




