ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक राज ने स्विट्जरलैंड में पूरा किया आयरनमैन, 14 घंटे 29 मिनट में रचा इतिहास

ग्रेटर नोएडा वेस्ट – ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित स्टेलर जीवन सोसाइटी के निवासी एवं कैंसर विशेषज्ञ (ऑन्कोलॉजिस्ट) डॉ. अभिषेक राज ने स्विट्जरलैंड के शहर Thun में आयोजित प्रतिष्ठित आयरनमैन थुन प्रतियोगिता सफलतापूर्वक पूरी कर देश और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने 3.8 किलोमीटर तैराकी, 180 किलोमीटर साइकिलिंग और 42.2 किलोमीटर की फुल मैराथन को निर्धारित 17 घंटे की समय सीमा के भीतर 14 घंटे 29 मिनट में पूरा किया।
आयरनमैन को दुनिया की सबसे कठिन सहनशक्ति (एंड्योरेंस) प्रतियोगिताओं में गिना जाता है। इस प्रतियोगिता के दौरान डॉ. अभिषेक राज को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच तैराकी करते समय उनका दाहिना कंधा अपनी जगह से खिसक गया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। रेस के दौरान रेस्क्यू कायक का सहारा लेकर अपने मेडिकल ज्ञान और ऑर्थोपेडिक प्रशिक्षण की मदद से कंधे को वापस सही स्थिति में लगाया और दोबारा रेस शुरू कर दी।
साइकिलिंग चरण में उनकी साइकिल की चेन में तकनीकी खराबी भी आ गई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 180 किलोमीटर के इस बाइक कोर्स में करीब 2200 मीटर की कठिन चढ़ाई थी, जिसे आयरनमैन के सबसे चुनौतीपूर्ण मार्गों में माना जाता है।
मैराथन के दौरान एक ओर स्विस आल्प्स की खूबसूरत वादियां और दूसरी ओर थुन झील का मनमोहक दृश्य खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाता रहा। स्थानीय लोगों के लगातार समर्थन और उत्साहवर्धन ने भी उन्हें रेस पूरी करने की प्रेरणा दी।
डॉ. अभिषेक राज ने बताया कि यह उनका तीसरा आयरनमैन था, लेकिन अब तक का सबसे कठिन अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि तेज लहरें, कंधे की चोट, साइकिल की तकनीकी समस्या और कठिन चढ़ाई जैसी बाधाओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनके अनुसार थुन का आयरनमैन हमेशा उनके दिल के करीब रहेगा और ट्रायथलॉन करने वाले हर खिलाड़ी की “बकेट लिस्ट” में यह रेस जरूर होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि पूरी प्रतियोगिता के दौरान उनके शरीर का लगभग 4 किलोग्राम वजन कम हो गया और ऊर्जा बनाए रखने के लिए उन्होंने करीब 1.2 किलोग्राम कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया।
डॉ. अभिषेक राज की इस उपलब्धि पर परिवार, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।




