साईं मां के शिष्यों ने वाराणसी में की आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर मनाई गुरु पूर्णिमा
दिन की शुरुआत भोजूबीर स्थित शिवाजी मिशन स्कूल से हुई। यह एक स्थानीय चैरिटेबल स्कूल है, जिसे एक परिवार चलाता है।

साईं मां के शिष्यों ने अस्मिता ट्रस्ट के साथ मिलकर वीरवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दो सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में आध्यात्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक सेवा का समन्वय रहा।
दिन की शुरुआत भोजूबीर स्थित शिवाजी मिशन स्कूल से हुई। यह एक स्थानीय चैरिटेबल स्कूल है, जिसे एक परिवार चलाता है। जिसमें करीब 300 बच्चों को शिक्षा दी जाती है। यहां शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर साईं मां की आरती की और प्रसाद के साथ उत्सव मनाया। अनुष्ठान के हिस्से के रूप में स्कूल परिसर में साईं मां के नाम पर दस फलदार पेड़ लगाए गए। स्कूल के कई शिक्षक और प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए, साथ ही सोशल एक्शन एंड रिसर्च सेंटर (SARC) की रंजना गौर भी उपस्थित रहीं।
सिगरा स्थित अस्मिता सेंटर में साईं मां की आरती और अर्पण के बाद स्थानीय बच्चों की कई टीमों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद परिवारों को चावल, दाल, आटा, तेल, नमक और मसाला युक्त 100 खाद्य पार्सल वितरित किए गए। साथ ही सभी 100 प्रतिभागियों को स्नैक बॉक्स भी दिए गए। इस अवसर पर साईं मां की पहल के तहत लड़कियों की विश्वविद्यालय शिक्षा का समर्थन करने वाले ड्रीम्स टू डिग्रीज छात्रवृत्ति कार्यक्रम की कई युवतियां अपने मेंटर अलका और पुष्पा के साथ उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में साईं मां आश्रम का भी प्रतिनिधित्व रहा।
गुरु पूर्णिमा, जो परंपरागत रूप से अपने आध्यात्मिक गुरु के सम्मान में समर्पित दिन है, इस वर्ष वाराणसी में भक्ति, शिक्षा और सेवा के कार्यों के माध्यम से मनाया गया। यह उन मूल्यों को दर्शाता है जिन्हें साईं माँ के शिष्य समुदाय में आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं।




