Noida: नोएडा एयरपोर्ट के पास घर का सपना होगा पूरा, बड़े हो या छोटे खरीदार सभी के पास होगा मौका
यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह के मुताबिक, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (एलआईजी) स्कीम में भूखंड के साइज 40 वर्ग मीटर के होंगे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जल्द ही इंटरनेशनल उड़ानें शुरू करने की तैयारियां की जा रही है। फिलहाल जेवर से कई शहर हवाई मार्ग से जुड़ चुके है। फेस्टिव सीजन में एयरपोर्ट के पास जमीन खरीदने वालों के लिए अच्छा मौका है। रिहायशी भूखंड की स्कीम को मिली सफलता के बाद यमुना प्राधिकरण नए हाउसिंग प्लॉट स्कीम को लॉन्च करने जा रही है। यह स्कीम अक्तूबर में लाने की योजना है। इसका फायदा यह होगा कि अर्थिक रुप से कमजोर वर्गों को भी एयरपोर्ट के पास अपने घर का सपना पूरा होगा।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह के मुताबिक, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (एलआईजी) स्कीम में भूखंड के साइज 40 वर्ग मीटर के होंगे। इसके अलावा 162 से 300 वर्ग मीटर तक के प्लॉट उपलब्ध होंगे। सेक्टर-5 में यह भूखंड बेचे जाएंगे। इसकी दूरी एयरपोर्ट से दूरी दो से तीन किलोमीटर की होगी। प्राधिकरण की तरफ से इस स्कीम को लांन्च करने की तैयारी की जा रही है। आने वाले करीब 20 दिनों में भखंड़ों की संख्या, कीमतें और अन्य जानकारी को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
दरअसल, कुछ परिवार के सदस्य बड़े आकार के भूखंड को खरीदते थे, जबकि कुछ अपार्टमेंट में निवेश करना चाहते है। इनकी मांग को देखते हुए स्कीम लाने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि प्राधिकरण ने इसी साल जून में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अलग-अलग सेक्टरों में ड्रॉ के जरिए 973 रिहायशी प्लॉट बेचे थे। स्कीम अप्रैल में शुरू की गई थी जिसमें 1,10,034 वैलिड एप्लीकेशन मिली थीं यानी हर प्लॉट पर करीब 113 आवेदक थे।
जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही आस-पास प्रॉपर्टी की डिमांड बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक, यमुना प्राधिकरण भूखंड की खरीद के लिए पात्रता के नए नियमों पर भी विचार कर रहा है। प्रस्तावित नियम के मुताबिक, ऐसे आवेदक जिन्हें यमुना प्राधिकरण के जरिए पहले रिहायशी प्लॉट मिला हुआ है वह आवेदन के पात्र नहीं होंगे।




