Noida: डंपर और जेसीबी से घेरा गया प्राधिकरण दफ्तर, हिरासत में लिए गए 106 किसान, कमिश्नर के आश्वासन पर आंदोलन स्थागित
किसान संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा की जा रही व्यापक पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए ऐलान किया है कि गिरफ्तारियों और पुलिस के भारी दबाव के बावजूद किसानों का संघर्ष किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण दफ्तर को किसान संघर्ष मोर्चा के आंदोलन के ऐलान के बाद सोमवार को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस दौरान प्राधिकरण पर धरना देने जा रहे किसानों 106 किसानों को हिरासत में ले लिया गया। जिनमें 20 महिलाएं भी शामिल है। प्राधिकरण पर धरनास्थल पर मिट्टी डलवा दी गई। साथ ही चारों तरफ से डंपर और जेसीबी लगाकर रास्तों को रोक दिया गया।
किसान संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा की जा रही व्यापक पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए ऐलान किया है कि गिरफ्तारियों और पुलिस के भारी दबाव के बावजूद किसानों का संघर्ष किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा। किसान नेताओं के अनुसार डॉ. रुपेश वर्मा, इंद्र प्रधान और सोरन प्रधान के नेतृत्व में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे किसानों को हिरासत में लिया गया।
आंदोलन को रोकने के लिए धरना स्थल को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सरकार ने किसानों से वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान करने एवं 10 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट सहित प्रमुख मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया था। किसानों ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा किया, लेकिन मांगों का समाधान नहीं हुआ।
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष इंद्र प्रधान भी किसानों के आंदोलन में संघर्ष करते हुए गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है। सरकार को दमन और गिरफ्तारियों के बजाय किसानों से बातचीत कर उनकी जायज मांगों का समाधान करना चाहिए।
डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा, “किसान बहादुर हैं, वे गिरफ्तारियों और पुलिस की तानाशाही से डरकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक किसानों को उनके सभी जायज हक नहीं मिलते, संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन में महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या में गिरफ्तारी के बावजूद किसानों का हौसला बुलंद है। सरकार जितना दमन करेगी, किसानों की एकजुटता उतनी ही मजबूत होगी।
ये है किसानों की मांगें
10 प्रतिशत विकसित प्लॉट, नए कानून का लाभ, आबादी के लंबित प्रकरणों का समाधान, किसानों के सभी मुद्दों का निस्तारण आदि की मांगों को लेकर आंदोलनरत है।
पुलिस कमिश्नर के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित
किसान संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल की सेक्टर-108 स्थित दफ्तर में पुलिस कमिश्नर के साथ वार्ता हुई। जिसमें उन्होंने किसानों को तीनों प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों और जिलाधिकारी की मौजूदगी में 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट, नए भूमि अधिग्रहण कानून, आबादी सहित किसानों के सभी लंबित मुद्दों पर गंभीर एवं विस्तृत वार्ता कराने का आश्वासन दिया है।
किसान संघर्ष मोर्चा के नेता डॉ. रुपेश वर्मा ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के साथ हुई वार्ता बहुत सार्थक और ठोस रही। किसान संघर्ष मोर्चा की मुख्य मांग थी कि तीनों प्राधिकरणों के अधिकारी किसानों के मुद्दों पर अलग-अलग बयान देकर उन्हें गुमराह करने के बजाय तीनों प्राधिकरणों के CEO और जिलाधिकारी को एक टेबल पर बैठाकर सभी मुद्दों पर गंभीर एवं निर्णायक बातचीत की जाए। इस मांग पर सहमति बनी है।



