ग्रेटर नोएडा में 72 वर्षीय मरीज के लिवर से निकाला क्रिकेट बॉल से बड़ा ट्यूमर, बिना बड़े चीरे के हुई सर्जरी

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1 के डॉक्टरों ने 72 वर्षीय मरीज के लिवर से 10–12 सेंटीमीटर बड़े ट्यूमर को लैप्रोस्कोपिक तकनीक से सफलतापूर्वक निकाल दिया। ट्यूमर का आकार क्रिकेट बॉल से भी बड़ा था। मरीज लिवर सिरोसिस, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित था। अस्पताल के अनुसार, क्षेत्र में पूरी तरह मिनिमली इनवेसिव तकनीक से की गई यह अपनी तरह की पहली सर्जरी है।
आगरा के धनौली निवासी मनोहर सिंह पिछले करीब नौ महीने से पेट दर्द से परेशान थे। जून 2026 के दूसरे सप्ताह में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच और ट्रिपल-फेज सीटी स्कैन में लिवर के दाहिने हिस्से में 10–12 सेंटीमीटर का ट्यूमर मिला, जिसे स्टेज-3 के रूप में वर्गीकृत किया गया।
मरीज की उम्र और पहले से मौजूद बीमारियों को देखते हुए सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी। डॉक्टरों ने विस्तृत जांच के बाद लैप्रोस्कोपिक राइट हेपेटेक्टॉमी के जरिए लिवर का दाहिना हिस्सा निकाला। इसके साथ पित्ताशय निकालने की सर्जरी भी की गई। ऑपरेशन करीब छह से सात घंटे चला और इस दौरान लगभग 200 मिलीलीटर रक्तस्राव हुआ। अस्पताल के मुताबिक, सर्जरी के दौरान या बाद में कोई सर्जिकल जटिलता नहीं आई।
सर्जरी के बाद निकाले गए ऊतक की जांच में मॉडरेटली डिफरेंशिएटेड एडेनोकार्सिनोमा पाया गया। सभी सर्जिकल मार्जिन कैंसर-मुक्त मिले। मरीज को दो दिन तक आईसीयू में निगरानी में रखा गया और 17 जून को वेंटिलेटर से हटा दिया गया। अस्पताल के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों में मरीज की रिकवरी अच्छी रही और फिलहाल उन्हें अतिरिक्त कैंसर उपचार की आवश्यकता नहीं बताई गई है।
यथार्थ हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर एवं हेड, रोबोटिक एंड लैप्रोस्कोपिक जीआई सर्जरी, जीआई ऑन्कोलॉजी एवं लिवर ट्रांसप्लांट डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि लिवर सिरोसिस, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियां बड़ी सर्जरी के जोखिम को बढ़ा देती हैं। ऐसे मामलों में कैंसरग्रस्त हिस्से को निकालने के साथ लिवर के शेष हिस्से की कार्यक्षमता सुरक्षित रखना भी जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि मरीज की जटिल मेडिकल स्थिति के बावजूद टीम ने लैप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की।




