गौतमबुद्धनगर के संगठन कोनरवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की ये मांग, जानिये पूरा मामला

नोएडा : गौतमबुद्धनगर के सामाजिक संगठन कोनरवा (CONRWA) ने देश में बढ़ती महंगाई और विशेष रूप से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो रही लगातार वृद्धि को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन के अध्यक्ष डॉ. पी.एस. जैन के नेतृत्व में भारत सरकार को एक औपचारिक पत्र भेजकर इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। इस पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी प्रेषित की गई है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वर्तमान समय में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा असर भारत जैसे विकासशील देशों पर पड़ रहा है। हालांकि, संगठन का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों का पूरा बोझ आम जनता पर डालना न्यायसंगत नहीं है।
कोनरवा ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा प्रभाव आम नागरिकों, किसानों, परिवहन क्षेत्र और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, सब्जी, अनाज आदि के दामों में वृद्धि हो रही है, जिससे आम आदमी का जीवन और अधिक कठिन होता जा रहा है
संगठन ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख सुझाव प्रस्तुत किए हैं
एक्साइज ड्यूटी में कमी:
केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले एक्साइज ड्यूटी में आंशिक कटौती कर आम जनता को तत्काल राहत दी जा सकती है, जिससे ईंधन के खुदरा मूल्य में गिरावट आएगी।
वैट (VAT) दरों में अस्थायी छूट:
राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर वैट दरों में कमी करने से ईंधन की कीमतों को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे महंगाई पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
तेल कंपनियों के मुनाफे में संतुलन:
तेल विपणन कंपनियों के लाभांश में अस्थायी कटौती कर कीमतों को संतुलित किया जा सकता है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व के अनुरूप एक आवश्यक कदम होगा।
कोनरवा ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि यदि इन तीनों उपायों को संतुलित रूप से लागू किया जाए, तो देश में बढ़ती महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और आम जनता को राहत मिल सकती है।
अंत में संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्रालय से आग्रह किया है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस विषय पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएं।




