Greater Noida News – Grandthum पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सख्त, बिना अनुमति कब्जे और मेंटेनेंस पर बिल्डर से मांगा जवाब

ग्रेटर नोएडा – ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित Grandthum परियोजना को लेकर बिल्डर के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने A.L. Softweb Pvt. Ltd. को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए परियोजना में यूनिट्स की बिक्री, कब्जा देने, आवश्यक अनुमति तथा खरीदारों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्राधिकरण द्वारा पत्रांक ग्रेनो/आईडी/2026/2322, दिनांक 07 अगस्त 2026 को जारी नोटिस में ICTO/ICTESO योजनान्तर्गत आवंटित भूखंड संख्या-07, सेक्टर टेकजोन-04, ग्रेटर नोएडा का उल्लेख किया गया है।
बिना अनुमति यूनिट्स की बिक्री का मामला
नोटिस के अनुसार, उक्त भूखंड पर परियोजना का निर्माण/विकास किया गया है और विभिन्न क्रेताओं को यूनिट्स बेची गई हैं। हालांकि, बेची गई यूनिट्स के संबंध में वर्तमान समय तक प्राधिकरण के आईडी विभाग में आवश्यक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है। साथ ही, यूनिट्स की त्रिपक्षीय सबलीज डीड निष्पादित कराए जाने के संबंध में भी प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त नहीं की गई है।
प्राधिकरण ने इसी को गंभीरता से लेते हुए बिल्डर से स्पष्ट जवाब मांगा है कि आवश्यक अनुमति के बिना यूनिट्स की बिक्री और आगे की कार्रवाई किस आधार पर की जा रही है।
8 खरीदारों ने प्राधिकरण के सामने रखी परियोजना की स्थिति
नोटिस में एक महत्वपूर्ण तथ्य का उल्लेख करते हुए प्राधिकरण ने कहा है कि लगभग 8 क्रेता 24 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से प्राधिकरण में उपस्थित हुए और उन्होंने लिखित रूप से अवगत कराया कि परियोजना का संपूर्ण विकास अभी तक नहीं किया गया है तथा आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
इसके बावजूद, खरीदारों को यूनिट्स का कब्जा प्रदान किए जाने के साथ उनसे मेंटेनेंस शुल्क की मांग किए जाने का मामला भी सामने आया है।
इस पर प्राधिकरण ने बिल्डर से स्पष्टीकरण मांगा है कि जब परियोजना की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और संबंधित अनुमति की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है, तो खरीदारों को कब्जा किस आधार पर दिया जा रहा है।
फायर, लिफ्ट और अन्य सुविधाओं पर भी जवाब तलब
प्राधिकरण ने बिल्डर से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि परियोजना में फायर, लिफ्ट संचालन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
नोटिस में बताया गया है कि प्राधिकरण की ओर से 08 जुलाई 2026 के पत्र के माध्यम से इस संबंध में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन नोटिस जारी होने तक बिल्डर की ओर से अपेक्षित लिखित स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराया गया।
आवंटन की शर्तों के उल्लंघन का भी उल्लेख
प्राधिकरण ने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि परियोजना से संबंधित योजना ब्रोशर, आवंटन एवं पट्टा प्रलेख में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है।
प्राधिकरण ने बिल्डर को निर्देश दिया है कि नोटिस जारी होने की तिथि से 7 दिनों के भीतर लिखित रूप से अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे।
बिल्डर से विशेष रूप से यह बताने को कहा गया है कि:
- त्रिपक्षीय सबलीज डीड की अनुमति प्राप्त किए बिना यूनिट्स के क्रेताओं को कब्जा किस आधार पर दिया जा रहा है?
- परियोजना में फायर, लिफ्ट संचालन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में अब तक क्या कार्रवाई की गई है?
- खरीदारों को परियोजना की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की स्थिति क्या है?
- प्राधिकरण के पूर्व पत्र के बावजूद समय पर लिखित स्पष्टीकरण क्यों प्रस्तुत नहीं किया गया?
- आवंटन, योजना ब्रोशर एवं पट्टा प्रलेख की शर्तों के अनुरूप परियोजना का संचालन क्यों नहीं किया जा रहा है?
जवाब नहीं देने पर प्राधिकरण करेगा नियमानुसार कार्रवाई
नोटिस में प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में प्राधिकरण नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
इस नोटिस के बाद Grandthum परियोजना के खरीदारों के बीच भी हलचल बढ़ गई है। खरीदारों का कहना है कि परियोजना में आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध कराए बिना उनसे मेंटेनेंस शुल्क की मांग और कब्जे से जुड़े सवाल पहले से उठते रहे हैं। अब प्राधिकरण द्वारा स्वयं इन बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने से मामले को गंभीरता मिली है।




