Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो के लिए नमो भारत बनी बाधा, रुट कम करने से देरी के आसार
गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा वेस्ट होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत चलाने की तैयारी है।

नोएडा के सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 तक जाने वाली ग्रेटर नोएडा मेट्रो प्रोजेक्ट में बदलाव होगा, यानी पूरे सिरे से प्रोजेक्ट को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने तैयार की गई पुरानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर आपत्ति जताई है। साथ ही उसे वापस कर दिया है। इस बदलाव की एक बड़ी वजह नमो भारत ट्रेन प्रोजेक्ट भी है। गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा वेस्ट होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत चलाने की तैयारी है। एक ही रूट पर दो अलग-अलग मेट्रो या ट्रेन सेवाएं चलाना मुश्किल होता है, इसलिए मेट्रो रूट को छोटा करने का फैसला लिया गया है।
बता दें कि, सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो लाइन का प्रस्ताव था। यह लाइन करीब सात किलोमीटर लंबी होगी। इस रुट की लंबाई कम कर दी गई है। इसपर अब सिर्फ पांच मेट्रो स्टेशन ही बनाए जाएंगे। नए प्रस्तावित स्टेशनों में सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक के पास सेक्टर-4 शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च आएंगे। साथ ही राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी होगी।
मेट्रो के लिए नेफोवा करेगी प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा न होने कारण लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि नोएडा से ग्रेनो वेस्ट एरिया में मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए काफी लंबे समय से फाइलों में कार्य किया जा रहा है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने पूर्व में नोएडा सेक्टर 51 से ग्रेनो वेस्ट होते हुए नॉलेज पार्क 5 तक मेट्रो का रूट तय किया था।
100 से अधिक गाड़ियों से प्रदर्शन करते नोएडा जाएंगे इस मुद्दे को लेकर नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार, दीपांकर कुमार, श्वेता भारती ने बताया कि नोएडा एक्सटेंशन में रह रहे लाखों परिवारों को बिल्डरों ने मेट्रो प्रोजेक्ट को दिखाकर फ्लैट बुक कराया था। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पांच अप्रैल सुबह 11 बजे को नोएडा सेक्टर 71 चौराहे (अंतिम मेट्रो पिलर) के पास एक शांतिपूर्ण जन प्रदर्शन होगा। जिसमें निवासी एकजुट होकर एकत्र होंगे और मेट्रो के पिलर को रस्सी से खींचते हुए ग्रेनो वेस्ट की तरफ मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए मांग करेंगे। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह स्पष्ट संदेश पहुंचाना है कि अब और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।




