Noida: यमुना प्राधिकरण को घेरने जा रहे किसानों को घसीटकर ले जाती दिखाई दी पुलिस, सपा नेताओं को भी नहीं छोड़ा
प्राधिकरण पर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया। यहां तक की कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए है।

सेक्टर-144 में आठ अक्तूबर को हुई किसान संघर्ष मोर्चा की बैठक के दौरान बुधवार को यमुना प्राधिकरण पर धरना प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया था। इसी के तहत किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा, सोरन प्रधान और के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एफएनजी मॉल के पास एकत्रित हुए। किसानों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए एक तरफ जहां प्राधिकरण को छावनी में तब्दील किया गया, वहीं मॉल के पास पहुंची पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान धक्का—मुक्की हुई।
प्राधिकरण पर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया। यहां तक की कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए है। जिनमें पुलिस किसानों को घसीटते हुए ले जाती हुई नजर आई है। इसके अलावा सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर को भी पुलिस घसीटते हुए ले जाती हुई नजर आई। किसानों नेताओं का कहना है कि 21 अक्टूबर से यमुना प्राधिकरण पर अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू करने का फैसला लिया गया था।
यमुना प्राधिकरण पर प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा में बुधवार को किसान और पुलिस की भिड़ंत हो गई। धक्का-मुक्की के बीच पुलिस प्रदर्शन कर रहे महिलाओं-पुरुषों को टांग कर ले गई। किसान जमीन का सही मुआवजा देने की मांग को लेकर यमुना प्राधिकरण पर धरना देने जा रहे थे। पुलिस ने किसानों को प्राधिकरण से करीब 1 किमी पहले एफएनजी मॉल के सामने रोक लिया। कई किसानों को हिरासत में लिया गया है। इसके बाद पुलिस ने महिलाओं-पुरुषों को घसीटकर वैन में भर दिया। किसान नेता सुखबीर खलीफा और रुपेश वर्मा ने बताया कि हम लोग 10% विकसित प्लाट, 64% अतिरिक्त मुआवजे और आबादी से जुड़े मामलों को निपटाने की मांग कर रहे हैं।




