Noida: नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बीच प्रदेश सरकार ने लिया बड़ा फैसला, उच्च स्तरीय समिति का किया गठन
बवाल के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

नोएडा में सोमवार को कंपनी कर्मचारी उग्र हो गए। सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर 9 अप्रैल से प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी हाथों में लाठीं—डंडे लेकर सड़कों पर उतर आए। जहां उन्होंने 50 से ज्यादा कंपनियों में पथराव किया और तोड़फोड़ की। साथ ही 150 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ और करीब 50 से ज्यादा फूंक दीं। वहीं, कोतवाली प्रभारी की गाड़ी भी पलट दी। हालात बिगड़ने पर कई कोतवाली से पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। सड़कों कर्मचारियों ने पुलिस पर भी जमकर पथराव किया। जिन्हें रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वो रुकेंगे नहीं। घटना के बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
बवाल के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त उत्तर प्रदेश होंगे। समिति में अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, उत्तर प्रदेश तथा प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। इसके अलावा अतिरिक्त सदस्य सचिव के रूप में श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश को शामिल किया गया है। समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि और उद्यमी संगठनों के तीन प्रतिनिधि भी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
समिति ने जल्द से जल्द जिले में औद्योगिक क्षेत्र में स्थिति को संभालने के लिए सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सभागार में एक बैठक की। बैठक में समिति के सदस्य अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन विभाग, सदस्य सचिव श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश आदि मौजूद रहे। समिति ने विभिन्न कंपनियों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं को सुना और उनकी वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, श्रमिक हितों की सुरक्षा तथा सम्मानजनक कार्य वातावरण जैसी प्रमुख मांगें समिति के समक्ष रखीं।




