Noida: ग्रेनो वेस्ट में जीएसटी कंसल्टेंट को बंधक बनाकर वसूले 29 लाख, परिवार को दी जान से मारने की धमकी
आरोप है कि परिवार के लोगों को जीएसटी में फंसाने और उनका फर्जी एनकाउंटर करने की धमकी दी। 20 जुलाई से पुलिस मामले को दबाए रही।

ग्रेनो वेस्ट की एस्पायर सोसाइटी के पास से एक जीएसटी कंसल्टेंट को सात घंटे बंधक बनाकर 29 लाख रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उनकी कार के सामने पुलिस की वर्दी पहने तीन आरोपियों ने अपनी गाड़ी लगा दी। उसके बाद जबरन उनकी कार की पीछे सीट पर कुत्ते के साथ बधंक बना लिया। उन्हें ग्रेनो वेस्ट से आगरा की तरफ ले गए। आरोप है कि परिवार के लोगों को जीएसटी में फंसाने और उनका फर्जी एनकाउंटर करने की धमकी दी। 20 जुलाई से पुलिस मामले को दबाए रही। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से भी मामले की शिकायत की है। बिसरख कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-1 ग्रेनो वेस्ट स्थित एगिन रॉयल सोसाइटी निवासी संदीप कुमार पेशे से जीएसटी सलाहकार है। वह 20 जुलाई 2026 को सुबह अपने पालतू कुत्ते के साथ अपनी कार से एस्पायर स्थित अपने दफ्तर जा रहे थे। उन्हें दफ्तर में लैपटाप देने के बाद कुत्ते को सैलून ले जाना था। जब वह एस्पायर की तरफ मुड़े तो अचानक उनकी गाड़ी के सामने एक गाड़ी ने रोक लिया। इसमें से तीन लोग उतरे, जिनमें से एक ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और उस पर दो स्टार लगे थे। इन लोगों के पास हथियार थे, जिनके बल पर उन्होंने कार की खिड़की खोलकर संदीप से कहा कि उनके नाम से शिकायत दर्ज है। बदमाशों ने जबरन उन्हें उनकी कार में ही पिछली सीट पर बैठा लिया।
उसके बाद उन्हें नोएडा एक्सप्रेस—वे होते हुए जेवर टोल ले गए। जहां उनसे 50 लाख रुपये की मांग की। उसके बाद में 29 लाख रुपये वसूल लिए। संदीप को अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा। दबाव में आकर संदीप ने अपने बड़े भाई को फोन कर रुपयों का इंतजाम करने को कहा था। संदीप ने अपने भाई को लोकेशन भेजी और कुलदीप नामक व्यक्ति को रुपये देने को कहा गया। पैसे लेने के बाद वह संदीप को सेक्टर-96 नोएडा प्राधिकरण के पास अंडरपास पर गाड़ी सहित छोड़ दिया और घटना की जानकारी किसी को न देने की धमकी देकर फरार हो गए। घबराहट में उनकी पत्नी ने 112 नंबर पर कॉल की, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस का कहना है कि वह अपनी मर्जी से उनके साथ गए थे। फिलहाल मुकदमे दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है।



