Noida: बारिश में सड़कों पर भरा पानी, तो ठनका नोएडा प्राधिकरण के CEO का माथा, जेई समेत दो की सेवा समाप्त, लगाया जुर्माना
सेक्टर-94 अंडरपास में बारिश के कारण पानी भर गया। वहां से गुजर रही एक इको वैन उसमें फंस गई। पीछे से आ रही दो बाइक भी उसमें फंस गई।

नोएडा में मंगलवार को हुई बारिश के बाद एक बार फिर से जलभराव हो गया। महामाया फ्लाईओवर के नीचे अंडरपास में अधिक पानी भरने से कई गाड़ियां उसमें फंस गई। बाइकें बंद हो गई। सेक्टर-27 के घरों के अंदर तक पानी घुस गया। इसके अलावा सेक्टर—62, बरौला, सर्फाबाद, सेक्टर-74, 75 समेत कई अन्य निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया।
सेक्टर-94 अंडरपास में बारिश के कारण पानी भर गया। वहां से गुजर रही एक इको वैन उसमें फंस गई। पीछे से आ रही दो बाइक भी उसमें फंस गई। सेक्टर 16 मेट्रो स्टेशन पर के पिलर के नीचे बना डिवाइडर अचानक भरभराकर ढह गया। डिवाइडर के ढह जाने की घटना के बाद वहां जाम की स्थिति बन गई। मौके पर ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति को संभाला। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
शहर में हुए जलभराव के बाद नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कड़ा रुख अपनाया है। बरौला समेत कई क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त होने और लोगों के घरों में पानी भरने पर जिम्मेदारों पर एक्श्न लिया। कार्य में लापरवाही बरतने वाले जूनियर इंजीनियर पार्थ राठौर और सुपरवाइजर मांगेराम की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। इसके अलावा जलभराव की स्थिति नहीं संभालने पर प्रबंधक करण सिंह त्यागी और प्रबंधक रमेंद्र (जल एवं सीवर) को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
ठेकेदार पर लगाई 5 लाख की पेनल्टी
मैसर्स वर्म इंडिया पर पांच लाख का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा गया है कि उसे कार्य में शिथिलता और लापरवाही के चलते ब्लैकलिस्ट क्यों न किया जाए। बता दें कि एक सप्ताह पहले हुए जलभराव के दौरान सीईओ ने जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद भी उपाय नहीं किए गए।


