Noida: सपा की भाईचारा रैली और BJP के विकास मॉडल एयरपोर्ट के UP चुनाव में क्या हैं मायने? गौतमबुद्ध नगर बना अखाड़ा
2012 में सपा ने नोएडा से साइकिल रैली का आयोजन कर विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू की थी। उस दौरान सफलता भी मिली। अखिलेश यादव मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे थे।

उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का केंद्र गौतमबुद्ध नगर बनने जा रहा है। 29 मार्च को सपा की दादरी में आयोजित होने वाली समानता भाईचारा रैली की घोषण के तुरंत बाद ही भाजपा ने नोएडा इंंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन का कार्यक्रम निधर्रित कर दिया। यूपी चुनाव से पहले ही दोनों ही दल अपने चुनावी अभियान से जोड़कर देख रहे है। माना जा रहा है कि भाजपा को इस बार एयरपोर्ट से चुनाव में विकास के मॉडल पर फायदा मिल सकता है।
2012 में सपा ने नोएडा से साइकिल रैली का आयोजन कर विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू की थी। उस दौरान सफलता भी मिली। अखिलेश यादव मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे थे। इस बार भी सपा 29 मार्च को दादरी में समानता भाईचारा रैली आयोजित कर रही है। हालांकि, सपा ने रैली की घोषणा कर दी थी। जिसके बाद भाजपा ने एयरपोर्ट के उद्घाटन का ऐलान किया। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि दोनों ही दल विधानसभा चुनाव से पहले अपनी रणनीति बना रहे है।
महज 24 घंटे के अंदर दो बड़े आयोजन होने है। भाजपा एक तरफ जहां विकास के मॉडल पर दांव खेल रही है, तो दूसरी तरफ सपा सामाजिक समीकरणों के जरिए अपनी रणनीति तय कर रही है। यहीं वजह है कि सपा की दादरी में होने वाली रैली से पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत भाजपा के तमाम दिग्गज नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों की माने तो कार्यक्रम में अपार जनसमूह को जोड़ने के लिए दिल्ली, यूपी समेत कई राज्यों के लोगों को बुलाया जा रहा है। सूत्रों की माने तो भाजपा ने अपने पार्टी नेता और पदाधिकारियों को बड़ी संख्या में लोगों को लाने के निर्देश दिए है। वहीं, जिले के नेता भी अपने—अपने क्षेत्र में बैठकें कर लोगों को एयरपोर्ट के कार्यक्रम में शामिल करने की अपील कर रहे है।
उद्घाटन के दौरान भाजपा विकास मॉडल को पेश करने में कोई कोशिश नहीं छोड़ने वाली है। एयरपोर्ट को केवल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन नहीं, बल्कि भाजपा के विकास मॉडल का एक बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन माना जा रहा है। एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के जरिए सरकार अपने विकास कार्यों, एक्सप्रेस—वे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और युवाओं को रोजगार दिलाने जैसे मुद्दे को मजबूती के साथ जनता के सामने रखने की तैयारी कर रही है।




