NEET पेपर लीक के विरोध में ज्ञापन देने जा रहे सपा नेता गौरव सिंघल नजरबंद, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

नोएडा: NEET पेपर लीक मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है। पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं अधिवक्ता गौरव सिंघल को शुक्रवार को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। वह पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष दीपक विग और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए निकलने वाले थे।
समाजवादी पार्टी की ओर से दिए जाने वाले ज्ञापन में NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने की मांग के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग शामिल थी।
प्रेस वार्ता के दौरान गौरव सिंघल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में हुई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा तोड़ा है। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रपति तक अपनी बात पहुंचाने से पहले ही उन्हें नजरबंद कर दिया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
गौरव सिंघल ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक मामले में सच्चाई सामने आने से डर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों के हितों की लड़ाई जारी रखेगी और पुलिस कार्रवाई से आंदोलन नहीं रुकेगा।
समाजवादी पार्टी ने अपनी प्रमुख मांगों में NEET परीक्षा धांधली की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा छात्रों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग दोहराई। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला तो पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।



