Galgotia University ने चीनी रोबोटिक डॉग को अपना बताया:AI समिट में ‘ओरियन’ नाम से पेश किया; बाद में कहा- हमने नहीं बनाया

नई दिल्ली – चीन से रोबोट खरीदकर उसपर खुद का बताना गलगोटिया यूनिर्वसिटी के लिए महंगा साबित हो रहा है। पूरा मुद्दा सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि गलगोटिया ने 2.5 लाख का एक रोबोट बाज़ार से खरीदा जोकि “Made in China” था। बाद में उसे अपना “Made in India” बना दिया। जिसे दिल्ली AI Summit में 350 करोड़ के AI इकोसिस्टम का हिस्सा बताकर पेश कर दिया। गलगोटिया यूनिर्वसिटी की एक गलती की वजह से देश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है।
ये Robotic Dog चीन में पैदा हुआ,
मंत्री अश्विनी वैष्णव से लेकर Galgotias University और दूरदर्शन ने इसे भारतीय आविष्कार बताने में कोई कसर नही छोड़ी। इसे Modi ji का Vision बताया गया।
अभी अंतरराष्ट्रीय मंच और भद्द पिटवाना बाकी है? pic.twitter.com/CB6nWsuBVY
— Indian Youth Congress (@IYC) February 17, 2026
दिल्ली में आयोजित इंडिया AI Summit में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने एक रोबोटिक डॉग को पेश किया है। आरोप है कि चीन से खरीदने के बाद भी उसे अपना बताकर पेश किया गया है। हालांकि, किरकिरी के बाद यूनिवर्सिटी का बयान भी सामने आया है। गलगोटिया ने कहा कि यह रोबोटिक डॉग उन्होंने नहीं बनाया है और न ही ऐसा दावा किया है। लेकिन हम ऐसे दिमाग तैयार कर रहे हैं जो जल्द ही भारत में ऐसी ही टेक्नोलॉजी को डिजाइन करेंगे, उनकी इंजीनियरिंग करेंगे और उन्हें यहीं बनाएंगे।
उधर, इसका एक वीडियो वायरल हुआ। दरअसलख् एक सरकारी न्यूज चैनल ने एआई समिट के दौरान गलगोटिया से जुड़े लोगों का इंटरव्यू किया। वीडियो में वह रोबोटिक डॉग के फीचर्स समझा रहे हैं। वीडियो में इसे ‘ओरियन’ नाम दिया गया। जिसमें दावा किया जा रहा है कि इसे यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ ने तैयार किया है।
वीडियो आने के चीन सामने आया है। टेक एक्सपर्ट्स ने चीनी कंपनी ‘यूनिट्री’ का ‘Go2’ मॉडल बताया है। जिसकी कीमत दो से ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। यूनिट्री चीन की एक मशहूर टेक्नोलॉजी कंपनी है। कंपनी डॉग और ह्युमनॉइड रोबोट बनाने के लिए फेमस है। यह किफायती और एडवांस सेंसर वाली रोबोटिक्स तकनीक विकसित करती है, जिसका इस्तेमाल रिसर्च, एजुकेशन और इंडस्ट्रियल कामों के लिए किया जाता है।




