सुपरटेक ईको विलेज-1, 2 और 3 के होमबायर्स ने Project-wise Core Committee में प्रतिनिधित्व पर उठाए सवाल, Apex Committee को भेजी लिखित शिकायत

ग्रेटर नोएडा वेस्ट – सुपरटेक ईको विलेज-1 (EV1), ईको विलेज-2 (EV2) और ईको विलेज-3 (EV3) के होमबायर्स ने Project-wise Core Committee में प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। होमबायर्स ने बुधवार को इस संबंध में Apex Committee के चेयरमैन, Amicus Curiae, NBCC और संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से लिखित शिकायत एवं आपत्ति भेजी।
होमबायर्स का कहना है कि Amicus Curiae और NBCC की ओर से अपने-अपने रोडमैप के तहत Project-wise Core Committee के गठन और प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। खरीदारों की मुख्य चिंता चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और संबंधित परियोजना की जमीनी स्थिति से परिचित प्रतिनिधियों के उचित प्रतिनिधित्व को लेकर है।
NBCC के खिलाफ नहीं, सही प्रतिनिधित्व की मांग
होमबायर्स ने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति NBCC या किसी अन्य संस्था के खिलाफ नहीं है। उनकी मांग केवल यह है कि Project-wise Core Committee में संबंधित परियोजना का प्रतिनिधित्व ऐसे व्यक्ति के माध्यम से हो, जिसे उस प्रोजेक्ट की जमीनी स्थिति, निर्माण की वास्तविक प्रगति और वर्षों से होमबायर्स की ओर से उठाई जा रही समस्याओं की जानकारी हो।
खरीदारों का कहना है कि प्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो लंबे समय से परियोजना से जुड़ा हो और वहां रहने वाले अथवा प्रभावित होमबायर्स की समस्याओं को करीब से समझता हो। इससे समिति के समक्ष खरीदारों की वास्तविक चिंताओं और परियोजना की मौजूदा स्थिति को प्रभावी ढंग से रखा जा सकेगा।
होमबायर्स ने इसे किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध नहीं बताते हुए कहा कि उनकी मांग पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तक सीमित है।
बैठकों और समितियों से आगे जमीन पर काम की मांग
होमबायर्स का कहना है कि वे वर्षों से अपने घरों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। परियोजनाओं से जुड़ी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं लगातार चल रही हैं, लेकिन खरीदारों की सबसे बड़ी चिंता अब भी निर्माण कार्य और फ्लैटों की समयबद्ध डिलीवरी है।
उनका कहना है कि अब प्राथमिकता केवल बैठकें आयोजित करने, समितियां गठित करने और कागजी प्रक्रिया आगे बढ़ाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। खरीदार चाहते हैं कि:
– निर्माण कार्य जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
– प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप जारी किया जाए।
– निर्माण की समयसीमा सार्वजनिक की जाए।
– निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
– होमबायर्स को परियोजना की वास्तविक प्रगति की पारदर्शी जानकारी दी जाए।
– फ्लैटों की डिलीवरी के लिए स्पष्ट और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।
Supernova के बाद Eco Village के खरीदारों की चिंता भी बढ़ी
होमबायर्स ने Supernova परियोजना का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के 16 दिसंबर 2025 के आदेश के बाद गठित कमेटी को लगभग आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने को लेकर खरीदारों में चिंता बनी हुई है।
इसी तरह ईको विलेज-1, ईको विलेज-2 और ईको विलेज-3 के खरीदार भी लंबे समय से अपेक्षित निर्माण प्रगति नहीं होने को लेकर चिंतित हैं।
होमबायर्स का कहना है कि यह मामला उनके लिए महज प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि उनकी जीवनभर की कमाई, परिवार की सुरक्षा और अपने घर के सपने से जुड़ा हुआ है। ऐसे में हर गुजरता महीना उनकी चिंता और अनिश्चितता को बढ़ा रहा है।
Apex Committee से प्रतिनिधित्व प्रक्रिया पर पुनर्विचार की अपील
होमबायर्स ने Apex Committee, Amicus Curiae, NBCC और संबंधित अधिकारियों से Project-wise Core Committee में प्रतिनिधित्व की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
उनकी मांग है कि प्रतिनिधियों के चयन में संबंधित परियोजना से जुड़े वास्तविक होमबायर्स की राय और जमीनी अनुभव को उचित महत्व दिया जाए, ताकि Core Committee खरीदारों की समस्याओं और परियोजना की वास्तविक स्थिति को प्रभावी ढंग से सामने रख सके।
होमबायर्स ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी का विरोध करना नहीं है। उनका मकसद केवल यह सुनिश्चित करना है कि जिन परियोजनाओं में हजारों परिवारों का भविष्य जुड़ा है, वहां निर्णय लेने, निगरानी और परियोजना की प्रगति से संबंधित प्रक्रिया में होमबायर्स का प्रभावी और विश्वसनीय प्रतिनिधित्व हो।



