Noida: 29 लाख लूट की वसूली में पांच गिरफ्तार, याद आई स्पेशल 26 मूवी, कथित पुलिसकर्मी बनकर बनाया था बंधक
अपने पालतू डॉग के साथ व अपने लैपटाप को लेकर कार से निकले थे। डॉग को सैलून ले जाना था।

बिसरख कोतवाली क्षेत्र में ऐस एस्पायर सोसाइटी के पास से बंधक बनाकर 29 लाख रुपये की लूट मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिसने स्पेशल 26 मूवी की याद को ताजा कर दिया। लेकिन इसमें किरदार स्पेशल 5 थे। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 24 लाख 50 हजार रुपये नकद, करीब साढ़े चार लाख रुपये की सोने की चेन, चांदी का कड़ा, अंगूठी बरामद की है। इसके अलावा दो कार, पुलिस की सब इंस्पेक्टर की वर्दी, दिल्ली सिविल डिफेंस की लोगो डोरी, बेल्ट और सात मोबाइल फोन बरामद किए है।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि संदीप को कार में लगभग 7 घंटे तक बंधक बनाए रखने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे से जेवर की तरफ ले गए। लखनऊ ले जाने की बात कहते हुए उनसे 50 लाख रुपये की मांग की गई, जिसके बाद 29 लाख रुपये पर सहमति बनी। आरोपी वापस लौटे और पीड़ित के भाई ने उन्हें 29 लाख रुपये सौंप दिए। इस मामले में पुलिस ने 19 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया। पांच टीमों को घटना का खुलासा करने के लिए लगाया गया।
डीसीपी ने बताया कि अपने पालतू डॉग के साथ व अपने लैपटाप को लेकर कार से निकले थे। डॉग को सैलून ले जाना था। जलपुरा रोड पर स्थित इस्कॉन मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि वादी के कंसलटेंट के रूप में कार्य करने के दौरान बिलों में फर्जी कार्य करने पर जीएसटी विभाग ने नोटिस का निस्तारण करने के लिए संदीप 2021 में कशिश उर्फ ईशू चौहान के संपर्क में आया था।
कशिश ने बताया कि वह एक दूसरे को कई सालों से जानते थे। उसकी के चलते आरोपियों ने संदीप से मोटी रकम हड़पने की योजना बनाई थी। डॉग को आरोपियों ने एक्सप्रेस-वे पर अपने साथी विवेक को बुलाकर सौंपा था। उप निरीक्षक की वर्दी पहने कशिश उर्फ ईशू चौहान द्वारा गाडी को चलाया गया और वादी को पिछली वाली सीट पर चांद के साथ बैठाया गया। राजेश कुमार आगे वाली सीट पर था। प्लान के मुताबिक हमने वादी को जीएसटी की धनराशि वसूलने के लिए ब्लैकमेल किया और जीएसटी के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी।
घटना में शामिल मुख्य आरोपी कशिश उर्फ इशू चौहान यशोभूमि द्वारका दिल्ली में डीसीपीओ (ड्राइवर कम पम्प ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत है, राजेश पंवार दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल (डीसीडी) से जुडा हुआ है, विवेक शर्मा एस्कोर्ट मजेसर बल्लभगढ में डीसीपीओ (ड्राइवर कम पम्प ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत रहा है। अंकित सलारपुर में लोहे की ग्रिल एवं गेट बनाने का काम करता है।
यह किए गए गिरफ्तार
पुलिस ने बिजनौर निवासी कशिश चौहान उर्फ ईशु पुत्र राकेश चौहान, महारौली निवासी राजेश पवार पुत्र स्वर्गीय विशंभर सिंह, मथुरा निवासी विवेक शर्मा पुत्र दुर्गा प्रसाद, देवरिया निवासी अंकित शाही पुत्र उमाशंकर शाही और एटा निवासी अंशुल पुत्र नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है।




