पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा का बड़ा ऐलान: हर विधानसभा में उतारे जाएंगे प्रत्याशी, क्षेत्र की अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई को मिलेगी नई धारा

ग्रेटर नोएडा: पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा द्वारा ग्रेटर नोएडा स्थित अखिल भारतीय गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान में आयोजित महा संगठन सम्मेलन में संगठन ने एक बड़ा राजनीतिक निर्णय लेते हुए आगामी विधानसभा चुनावों में हर विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा की। सम्मेलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की उपस्थिति ने संगठन की बढ़ती ताकत का स्पष्ट संकेत दिया।
पूर्व मंत्री, हरीशचंद्र भाटी ने कहा कि “पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक-आर्थिक अस्तित्व तभी सुरक्षित रह सकता है, जब पृथक पश्चिमी प्रदेश का निर्माण हो।” उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि क्षेत्र की जनता अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर निर्णायक कदम उठाए
केंद्रीय महासचिव कर्नल सुधीर कुमार ने घोषणा की कि संगठन जल्द ही चुनाव समितियों का गठन करेगा। उन्होंने कहा कि “प्रत्येक विधानसभा स्तर पर मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे आगामी चुनावों में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।”
राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट सतपाल यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि पश्चिमी प्रदेश की पहचान, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस जनआंदोलन को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएं।
केन्द्रीय संगठन मंत्री जसबीर सिंह ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “जनता का यह अपार समर्थन इस आंदोलन को नई दिशा और गति देगा।” उन्होंने मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
संगठन महामंत्री ओमवीर सिंह बीरवाल ने संगठन के विस्तार और जनसंपर्क अभियान पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में हर जिले और विधानसभा क्षेत्र में मोर्चे को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे
सम्मेलन में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं—जैसे प्रशासनिक उपेक्षा, रोजगार के सीमित अवसर, संसाधनों का असमान वितरण, राजधानी एवं न्यायालयों की दूरी—पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पृथक राज्य बनने से इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है।
सम्मेलन के अंत में संगठन द्वारा आगामी रणनीति, जनसंपर्क अभियान एवं चुनावी कार्ययोजना को लेकर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया गया।




